शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव के लिए सरकार अब कानूनी सलाह ले रही है। खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग को इस मसले पर कानूनी सलाह लेने के लिए कहा है। कानूनी सलाह आने के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई होगी।
शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव को लेकर शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद व विभाग के मंत्री मो. आजम खां के बीच ठनी है। तीन बार चुनाव की अधिसूचना जारी हुई लेकिन हर बार मौलाना कल्बे जव्वाद ने चुनाव स्थगित करवा दिया। वहीं, आजम खां इस चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहे हैं।
सरकार भी शिया धर्मगुरु को नाराज नहीं करना चाहती। जव्वाद चाहते हैं कि वोटर लिस्ट फिर से तैयार कर चुनाव कराया जाए, जबकि आजम खां इस बात से नाराज हैं कि मौलाना के कहने पर सरकार बार-बार चुनाव स्थगित कर रही है। ऐसे में सरकार असमंजस के कारण चुनाव कराने को लेकर कोई निर्णय नहीं ले सकी है।