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मदरसों की मनमानी पर कड़ा फैसला लेंगे अखिलेश

Tue, 09 Sep 2014 11:52 PM IST
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रदेश सरकार मदरसों के संचालन के लिए नियमावली बनाने जा रही है। अभी नियमावली न होने के कारण मदरसों में पूरी तरह से मनमानी होती है। इस पर सरकार का कोई अंकुश नहीं है।
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इसी मनमानी को रोकने के लिए सरकार नियमावली बनाने जा रही है। इसके बन जाने के बाद मदरसा शिक्षकों का शोषण भी रुक सकेगा। प्रदेश में मदरसों के संचालन के लिए अभी कोई नियमावली नहीं है।

प्रदेश सरकार ने मदरसा शिक्षा को लेकर नया एक्ट तो बना दिया लेकिन नियमावली नहीं बनाई। नया एक्ट बनने के बाद पुरानी नियमावली भी प्रभावी नहीं रह गई।

ऐसे में मदरसों पर सरकार का कोई अंकुश नहीं रह गया है। इनके संचालक अपनी पूरी मनमानी करते हैं। इस कारण मदरसों में शिक्षकों का शोषण भी खूब होता है।

खूब मनमानी करते हैं मदरसा शिक्षक

नियमावली न होने से मदरसा शिक्षकों को प्रमोशन भी नहीं मिल पाता है। मदरसा चाहे अनुदानित हो या फिर न हो इसमें सारा खेल प्रबंधक रचा करते हैं।

अभी हाल ही में सरकार ने मदरसा छात्रों की छात्रवृत्ति का पैसा प्रबंधकों के खाते में डालने के बजाय बच्चों के खाते में भेजने के आदेश किए तो प्रबंधकों ने हंगामा खड़ा कर दिया। दबाव में सरकार को अपना निर्णय वापस लेना पड़ा।

मदरसा शिक्षकों की भर्ती में भी प्रबंधक पूरा खेल करते हैं। अनुदान में आने वाले मदरसों में प्रबंधक पैसा लेकर शिक्षकों की नियुक्तियां कर देते हैं। कई बार ऐसे शिक्षकों को रख लिया जाता है जो पात्र नहीं होते।

कई प्रबंधक अपने रिश्तेदारों को ही शिक्षक के रूप में रख लेते हैं। नई नियमावली में शिक्षक भर्ती के नियम भी साफ हो जाएंगे। ऐसे में प्रबंधकों की मनमानी नहीं चल पाएगी।
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हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जागी सरकार

पिछले दिनों हाईकोर्ट ने भी एक मामले की सुनवाई के दौरान मदरसा नियमावली न होने पर आश्चर्य जताया था। साथ ही सरकार को इसे बनाने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के बाद सरकार नियमावली को लेकर सजग हुई है। अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय में इसे बनाने की कवायद चल रही है। इसके बाद कैबिनेट के जरिये हरी झंडी दी जाएगी।

नियमावली से ये होंगे फायदे
-नियमों के अनुसार हो सकेंगी शिक्षक भर्तियां
-शिक्षक भर्ती की शैक्षिक अर्हता हो सकेगी स्पष्ट
-शिक्षकों की सेवा शर्तें साफ होने से रुकेगा शोषण
-अनुदानित मदरसों पर सरकार का भी रहेगा अधिकार
-प्रबंधकों के अधिकार होंगे सीमित, मनमानी पर लगेगा अंकुश
-छात्र संख्या को लेकर नहीं कर सकेंगे गोलमाल

अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ के कार्यवाहक निदेशक फैजुर्रहमान कहते हैं कि मदरसा नियमावली बनाने का काम चल रहा है। उम्मीद है, तीन महीने में यह बनकर तैयार हो जाएगी। इसमें मदरसा संचालन के हर पहलू को समाहित किया जा रहा है। मदरसा शिक्षकों की सेवा शर्तों से लेकर परीक्षा संचालन सहित कई मसलों को इसमें विस्तार से परिभाषित किया जा रहा है। मान्यता प्राप्त मदरसे हों या फिर अनुदानित दोनों पर ही यह प्रभावी होगी।
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