मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर बिजली संकट के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। कहा पर्याप्त कोयला और कोटे की पूरी बिजली न मिलने से प्रदेश में बिजली संकट पैदा हुआ।
उड़ीसा के चंदीपाड़ा कोल ब्लॉक का आवंटन रद्द होने पर चिंता व्यक्त करते हुए सीएम ने कहा कि इससे कई परियोजनाएं प्रभावित होंगी। उम्मीद है कि कोल ब्लॉक के नए सिरे से आवंटन में यूपी को चंदीपाड़ा के साथ-साथ अन्य कोल ब्लॉक भी मिलेंगे, जिससे बिजली परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट की बैठक के बाद मंगलवार को पत्रकारों से रू-ब-रू मुख्यमंत्री ने यूपी के बिजलीघरों के प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर कहा कि पीएलएफ सपा शासनकाल में गिरा नहीं, बल्कि बेहतर हुआ है।
झांसी व अन्य बिजलीघरों के पीएलएफ का आकलन करके यह पता लगाया जा सकता है। कहा बिजली किल्लत की मुख्य वजह केंद्र से सही समय पर उचित मात्रा में सही कोयले का उपलब्ध न कराया जाना है। एक तो पर्याप्त कोयला नहीं मिल रहा है और जो मिल भी रहा है वह भीगा हुआ है। मुख्यमंत्री इस समस्या पर केंद्र की मोदी सरकार को पत्र भी लिख चुके हैं।