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'पत्थरों पर न लुटता खजाना तो दौड़ती मेट्रो'

Tue, 04 Mar 2014 10:43 AM IST
ऋषि मिश्रा/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को कहा कि, अगर पिछली सरकार में सरकारी खजाना पत्थरों पर न लुटाया गया होता तो, लखनऊ में अब तक मेट्रो ट्रेन दौड़ रही होती। मगर ऐसा नहीं हो सका।
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हमारी सरकार आम आदमी के फायदे की योजनाएं लाने का काम कर रही है। इसलिए मेट्रो परियोजना केवल लखनऊ ही नहीं बल्कि प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में भी जमीन पर उतारी जाएगी।

राजधानी में मेट्रो प्रोजेक्ट अगले तीन साल में जमीन पर उतर आएगा। इसके अलावा 108 और 102 एंबुलेंस ही नहीं मुफ्त मेडिकल जांचों की सुविधा सबसे पहले उत्तर प्रदेश में ही शुरू की गई है।
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23 किलोमीटर लंबे अमौसी से मुंशीपुलिया तक के नार्थ-साउथ कॉरिडोर के शिलान्यास के मौके पर उन्होंने यह बात कही।

32 वीं वाहिनी पीएसी के परिसर में आयोजित इस समारोह में सीएम ने सबसे पहले अंग्रेजी में उन्होंने मेट्रोमैन ई. श्रीधरन से बात की।

श्रीधरन वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये इस समारोह से जुड़े और मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि, उनको इस परियोजना का प्रमुख सलाहकार बना कर वे उत्तर प्रदेश की ओर से कहना चाहते हैं कि, वे बहुत खुश हैं।

उन्होंने यह प्रस्ताव स्वीकार किया, इससे मेट्रो परियोजना के बहुत तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है। श्रीधरन ही इस प्रोजेक्ट के अगुआ होंगे।

इसके बाद में समारोह में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, परियोजना पिछली सरकार के समय में भी शुरू हो सकती थी, मगर तब पूरा ध्यान पत्थरों पर रुपया लुटाने पर था।

सारा खजाना खाली कर दिया गया। हमने उस रुपए का सही उपयोग किया। जिससे मेट्रो जैसी परियोजना की लांचिंग हो सकी। जाने कितने ही मरीजों की जान 108 एंबुलेंस ने बचाई है।

गांव हो या शहर गर्भवतियों को एक महीने के लिए निशुल्क 102 एंबुलेंस सेवा का लाभ दिया जा रहा है। मानते हैं कि, बेरोजगारी बढ़ी है मगर हम बेरोजगारी भत्ता भी दे रहे हैं।

एमबीबीएस में 500 सीटें बढ़ाई गईं। दो नए मेडिकल कॉलेज खोले गए। दो और सरकारी मेडिकल कॉलेज खोले जाने की तैयारी है। उद्योग और कारखाना लगाने वाले उत्तर प्रदेश की ओर से देख रहे हैं।

अधिक से अधिक युवाओं को नौकरियां मिलेंगी। तीन साल में मेट्रो रेल परियोजना को भी लोग राजधानी में साकार होते देखेंगे। उन्होंने कहा कि, मेट्रो जिस शहर में भी पहुंची वहां की रंग बदल दी गई।

ऐसा ही कुछ लखनऊ में ही होगा। इसी सरकार के कार्यकाल में लखनऊ में मेट्रो रेल लखनऊ में चलना शुरू हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि, जिनकी भी मेट्रो के लिए जमीन ली जाएगी, उनको बहुत फायदा मिलेगा।
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