कई दर्जा प्राप्त मंत्रियों को उनके पदों से बर्खास्त करने वाले अखिलेश से जब खुद इस्तीफा देने के बारे सवाल किया गया तो वह बुरी तरह बौखला गए।
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने साफ किया है कि वह इस्तीफा नहीं देंगे। कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों के बीच आए मुख्यमंत्री से पूछा गया था कि क्या वे भी बिहार के मुख्यमंत्री की तरह इस्तीफा देने की सोच रहे हैं।
इस पर उन्होंने कहा कि यूपी की तुलना किसी अन्य राज्य से नहीं की जा सकती। यहां के राजनीतिक समीकरण अलग हैं।
चुनाव में सपा की करारी हार का ठीकरा भी उन्होंने जमाने पर फोड़ दिया। कहा कि हमारी हार के लिए जमाना ही जिम्मेदार है। हमने काम बहुत किया, लेकिन अपनी उपलब्धियों को हम सही ढंग से जनता के बीच नहीं पहुंचा सके।
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जाएंगे जनता के बीच
अखिलेश ने कहा कि चुनाव नतीजों से सबक लेते हुए सपा विकास के एजेंडे के साथ मजबूती से जनता के बीच अपनी बात रखेगी और दूसरी ताकतों को रोकेगी।
उन्होंने केंद्र की एनडीए सरकार के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने के संकेत भी दिए। मंत्रियों से जनता की नाराजगी के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि लगातार बातचीत व समीक्षा चल रही है।
जब तक समीक्षा न हो जाए तब तक कुछ कहना ठीक नहीं। समीक्षा के बाद देखा जाएगा कि क्या कार्रवाई करनी है? अखिलेश ने कहा कि नेता जी समीक्षा कर रहे हैं। बहुत सी बातें निकली हैं।
हम सरकार के काम और उपलब्धियों को जनता के बीच ठीक से नहीं पहुंचा पाए। उपलब्धियों को वोट और समर्थन में बदलने में सफल नहीं हो पाए। हमें और काम करना होगा।
अब विकास होगा एजेंडा
अखिलेश ने कहा कि हम विकास का एजेंडा जनता के बीच रखकर दूसरे लोगों को रोकेंगे। प्रदेश को ठोस विकास के रास्ते पर ले जाएंगे।
अखिलेश ने दावा किया भले ही नतीजे पक्ष में न आए हों पर यूपी में सपा को वोट ज्यादा मिला। हमने काम बेहतर काम किया। लैपटाप, विद्याधन, बेरोजगारी भत्ता, किसानों को मुफ्त पानी, खाद-बीज, किसान बीमा, सिंचाई के लिए बांध, बिजली के फीडर अलग करने व शहरों में भूमिगत केबलिंग जैसे काम हो रहे हैं।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे का काम भी तेजी पर है। किसी और सरकार ने इतनी योजनाएं नहीं शुरू कीं। अब नए सिरे से विचार करके देखेंगे कि इसे कैसे और अच्छा किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आचार संहिता खत्म होते ही सरकार का काम शुरू हो गया है। जल्द ही विधानमंडल का बजट सत्र बुलाया जाएगा। सरकार के काम और उपलब्धियों को आगे बढ़ाएंगे।
केंद्र से होंगे बेहतर संबंध
सवाल हुआ कि चुनावी सभाओं में नरेंद्र मोदी को ‘मैन ऑफ डिवाइडिंग इंडिया’ बताते थे। क्या अब उनसे मिलने जाएंगे? अखिलेश ने कहा कि देश में संघीय ढांचा है।
विकास और तरक्की के लिए जरूरी है कि प्रदेश और केंद्र के बीच अच्छे संबंध हों। इसके लिए वह प्रयास करेंगे।
देखेंगे गंगा मइया कितनी साफ हो पाती हैं अखिलेश ने चुटकी लेते हुए कहा कि पांच साल में वह देखेंगे कि गंगा मइया कितनी साफ हो पाईं। कहा हम भी गंगा किनारे ही रहते हैं।
गंगा के अलावा यमुना, गोमती, चंबल व अन्य नदियां भी हैं। देखेंगे कि कितनी नदियों की सफाई हो पाती है।
लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद आज पहली कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री और उनकी सरकार के मंत्री काफी हताश दिखाई दिए। हार का सदमा सभी के चेहरों पर साफ नजर आ रहा था।
हालांकि मुख्यमंत्री ने मीडिया के सामने नए सिरे से आगे बढ़ने की बात कहते हुए आत्मविश्वास प्रदर्शित करने की कोशिश की, लेकिन बैठक से निकल रहे मंत्रियों के चेहरों की हवाइयां उड़ी हुई थीं।
ज्यादातर मंत्री मीडिया से नजरें चुराते हुए निकल गए।