फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अखिलेश बोले: आउटसोर्स-संविदा के जरिए आरक्षण खत्म कर रही है भाजपा, मायावती ने कहा- नाम बदलना गंदी राजनीति

Tue, 01 Apr 2025 08:25 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Akhilesh Yadav: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि देश में आउटसोर्स के नाम पर आरक्षण खत्म करने की कोशिश की जा रही है। 
विज्ञापन
मायावती और अखिलेश ने किया भाजपा पर हमला। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने संविधान और देश की आजादी को धोखा दिया है। भाजपा ने स्वाधीनता आंदोलन के मूल्यों के साथ छल किया है। वे भेदभाव कर समाज में दरार पैदा करने की साजिश कर रहे हैं।

विज्ञापन


अखिलेश यादव ने कहा कि देश की आजादी के लिए लड़ने वाले शहीद भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान के अनुसार कानून के राज का सपना देखा था। लेकिन, भाजपा और उससे जुड़े संगठन लगातार बाबा साहब के बनाए संविधान को चुनौती दे रहे हैं। भाजपा की सरकारें आउटसोर्स और संविदा के जरिये आरक्षण की व्यवस्था को भी समाप्त करने पर तुली हैं।

उन्होंने कहा कि पीडीए का हक छीना जा रहा है। अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलने का प्रयास हो रहा है। सकारात्मक सुझावों के प्रति असहिष्णुता बरती जा रही है। जबकि, भारत की संस्कृति की स्वीकार्यता और सहिष्णुता से पहचान है।
विज्ञापन


सपा अध्यक्ष ने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक एकता, अखंडता, सामाजिक न्याय और सभी वर्गों की खुशहाली के लिए संघर्ष कर रही है। समाजवादी पार्टी ने जातीय जनगणना की मांग इसलिए उठाई है, ताकि समाज के सभी वर्गों को उनका हक और सम्मान जनसंख्या के आधार पर हासिल हो सके।

विज्ञापन

नाम बदल कर अपनी विफलताओं पर पर्दा डाल रहीं राज्य सरकारें : मायावती

 बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि यूपी में सपा सरकार की तरह महाराष्ट्र, उत्तराखंड जैसे राज्यों में भाजपा सरकार द्वारा जिला, शहर, संस्थानों आदि का नाम बदलने की प्रवृत्ति द्वेष व भेदभाव के आधार पर अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने की संकीर्ण राजनीति है। बसपा सुप्रीमो ने मंगलवार को जारी अपने बयान में कहा कि वर्ष 1995 के अविभाजित उत्तर प्रदेश से लेकर वर्ष 2012 तक बसपा की चार बार रहीं सरकारों में गुड गवर्नेंस को ध्यान में रखकर अनेकों नई कल्याणकारी योजनाएं व जिले, तहसील, अस्पताल, यूनिवर्सिटी आदि नए नामों से बनाए गए। किसी का भी नाम नहीं बदला गया। सरकारों को इससे सीख जरूर लेनी चाहिए।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें