84 कोसी परिक्रमा पर संतों से टकराव की आशंका के मद्देनजर गृह विभाग की तैयारियों के बारे में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पूछताछ के बाद चौकसी बढ़ा दी गई है।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को गृह विभाग के आला अधिकारियों से इस बारे में की गई तैयारियों की जानकारी मांगी है। इसके बाद अयोध्या समेत संबंधित जिलों व राज्य की सीमाओं पर चौकसी एकाएक प्रभावी कर दी गई है।
माना जा रहा है कि सीएम ने अफसरों को इस संबंध में किसी तरह की कोताही नहीं बरतने की सख्त हिदायत दी है।
विश्व हिंदू परिषद पिछले दिनों राज्य सरकार को एक पत्र सौंप कर संतों द्वारा अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा करे जाने के प्रस्तावित कार्यक्रम से अवगत कराते हुए आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने को कहा था।
हालांकि, राज्य सरकार ने इसे नई परंपरा की शुरूआत होने की संज्ञा देते हुए परिक्रमा पर रोक लगा दी थी। संतों द्वारा राज्य सरकार के प्रतिबंध को मानने से मना कर दिया गया और हर हाल में परिक्रमा करने का ऐलान किए जाने के बाद अफसरों ने इसे रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम करने शुरू कर दिए थे।
गुरुवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सुबह ही एनेक्सी पहुंच कर गृह विभाग समेत अन्य अधिकारियों को तलब कर उनसे परिक्रमा रोकने को लेकर किए जा रहे सुरक्षा प्रबंधों के बारे में जानकारी की।
जानकारों के अनुसार मुख्यमंत्री ने तय प्रबंधों को और चौकस करने को कहा। इसके बाद अधिकारियों ने परिक्रमा से संबंधित छह जिलों में तैनात किए जा रहे अतिरिक्त बल व अधिकारियों की संख्या को बढ़ा दिया।
आईजी कानून-व्यवस्था राज कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि परिक्रमा फैजाबाद, बाराबंकी, गोंडा, अंबेडकरनगर, बस्ती व बहराइच से होकर अयोध्या पहुंचती है। लिहाजा इन छह जिलों में सतर्कता के खास इंतजाम किए गए हैं।
आईजी ने बताया कि इन जिलों में दो एसपी, 16 एएसपी, 32 डीएसपी, 80 इंस्पेक्टर, 240 सब इंस्पेक्टर आदि की तैनाती की गई है। यह बल इन जिलों में पहले से तैनात बल के अतिरिक्त है। इसके अलावा पीएसी की 13 कंपनी और एक फ्लड कंपनी तैनात की गई है।
आईज़ी ने बताया कि इस बल के अलावा आरएएफ भी तैनात की जा रही है। ईद के मौके पर आरएएफ की जो 12 कंपनी आई थी, उसकी अवधि 21 अगस्त को समाप्त हो गई। इसमें से एक कंपनी को रोका गया है जबकि दस कंपनी की मांग और की गई है।
इसके लिए यह आग्रह किया गया है कि आरएएफ का जो बल यहां आया हुआ है उसमें से वांछित बल के रोकने की अवधि 13 सितंबर तक (परिक्रमा समाप्त होने की प्रस्तावित तिथि) बढ़ दी जाए। आईजी ने कहा कि इससे राज्य को सुरक्षा प्रबंधों के लिए आरएएफ की 11 कंपनी हासिल होंगी।