सरकारी योजनाओं व परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिहाज से प्रदेश सरकार ने मंत्रियों व विभागाध्यक्षों के वित्तीय अधिकार को बढ़ाने संबंधी फैसले का शासनादेश जारी कर दिया गया है।
इसी के साथ समाजवादी पार्टी सरकार की यह नई व्यवस्था लागू हो गई है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट ने पिछले दिनों 25 करोड़ रुपये तक की योजनाओं के प्रस्ताव की मंजूरी का अधिकार विभागीय मंत्रियों को, 25 से 100 करोड़ तक वित्त मंत्री को, 100 से 200 करोड़ तक मुख्यमंत्री को दे दिया था।
200 करोड़ से ऊपर की योजनाओं के अनुमोदन का अधिकार कैबिनेट को दिया गया था। साथ ही विभागाध्यक्षों के अधिकार को बढ़ाते हुए पांच करोड़ रुपये तक की योजनाओं के प्रस्तावों के मूल्यांकन व औचित्य परीक्षण कर संस्तुति का अधिकार उन्हें दे दिया था।