राज्य सरकार पूर्ण रूप से निशक्तों को रजिस्ट्री पर दी जाने वाली छूट का दायरा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने जा रही है। सामान्य रूप से निशक्तों को यह फायदा एक लाख के स्थान पर पांच लाख पर देने का विचार है।
यही नहीं सरकारी के अलावा निशक्तजन यदि अन्य कोई संपत्ति खरीदते हैं तो उस पर भी छूट का लाभ दिया जाएगा। मौजूदा समय केवल सरकारी संपत्तियों की खरीद पर यह सुविधा दी जा रही है। इस संबंध में जल्द ही शासनादेश जारी करने की तैयारी है।
प्रदेश में सामान्य निशक्तों को एक लाख तक की रजिस्ट्री पर छूट देने की सुविधा वर्ष 2005 में शुरू की गई। इसके बाद वर्ष 2008 में संशोधित शासनादेश जारी करते हुए यह जोड़ा गया कि सौ फीसदी निशक्त व्यक्ति यदि 10 लाख तक की संपत्ति खरीदता है तो उससे कोई स्टांप शुल्क नहीं लिया जाएगा और इससे यदि अधिक खरीदता है तो शेष राशि के हिसाब से स्टांप शुल्क अदा करना होगा।
स्टांप एवं कर निबंधन विभाग ने वर्ष 2009 में एक और संशोधित शासनादेश जारी किया।