मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि जब बर्लिन की दीवार टूट सकती है तो भारत-पाकिस्तान और आसपास के देश क्यों एक नहीं हो सकते? उन्होंने उम्मीद जताई कि एक दिन ऐसा आएगा जब यूरोप की तरह भारत-पाक और दूसरे पड़ोसी मुल्कों के बीच बॉर्डर खुल जाएगा।
अखिलेश रविवार को पर्यटन भवन में चल रही इंडो-पाक लाइफ स्टाइल एग्जीबिशन एंड फूड फेस्टिवल में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि डिप्लोमेसी का सबसे बेहतर तरीका यही है कि लोग आपस में जुड़ें। लोग जुड़ जाते हैं तो सरकारें भी जुड़ जाती हैं।
प्रदर्शनी से कारोबार के लिए रिश्तों को पहले की तरह मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब दोनों जर्मनी एक हो सकते हैं, बर्लिन की दीवार टूट सकती है तो दोनों देश (भारत-पाक) और आसपास के मुल्क भी एक हो सकते हैं।
उन्होंने कहा, पूरा यूरोप एक हो गया है। उनकी एक करेंसी है, एक बॉर्डर है। भारत-पाकिस्तान और आसपास के देशों के बॉर्डर भी खुलने चाहिए। एक दिन ऐसा हो सकता है कि पड़ोस के देशों में इस तरह जाएं जैसे एक शहर से दूसरे शहर में जाते हैं।