मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बिजली संकट से जूझ रहे प्रदेश को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए अधिकारियों को सभी तरह की बिजली परियोजनाओं पर तेजी से अमल करने का निर्देश दिया है।
नई बिजली परियोजनाओं को समय से पूरा कराने के साथ-साथ जनता तक बिजली पहुंचाने के लिए ट्रांसमिशन एवं वितरण नेटवर्क के विस्तार का काम भी समय से पूरा कराने को कहा गया है। इस पर 18,162 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ऊर्जा विभाग व बिजली निगमों के अधिकारियों को हर हाल में वर्ष 2016 से गांवों को कम से कम 16 घंटे और शहरों को 22 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को शास्त्री भवन में अधिकारियों के साथ बैठक कर अक्तूबर 2016 से गांवों और शहरों को ज्यादा बिजली देने की घोषणा पर अमल के लिए कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा की।
तीन वर्षों में 7,500 मेगावाट बढ़ेगी उत्पादन क्षमता
मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देश दिए कि इसके लिए बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण संबंधी कार्य तय समय में पूरे करा लिए जाएं। मुख्यमंत्री ने अनपरा-डी बिजलीघर से मार्च 2015 में हर हाल में उत्पादन शुरू कराने के निर्देश दिए।
ललितपुर व बारा परियोजनाओं को जून 2015 तक शुरू कराने तथा मेजा के कामों में तेजी लाने को कहा। इसके अलावा निजी उत्पादकों से बिजली खरीदने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल ने बताया कि अगले तीन वर्षों में उत्पादन क्षमता 10,500 मेगावाट से बढ़ाकर 18,000 मेगावाट तक पहुंचा दी जाएगी।
घरेलू कनेक्शन के लिए बी एंड एल फॉर्म जरूरी नहीं
प्रमुख सचिव ऊर्जा ने जुलाई-अगस्त में नए कनेक्शन के लिए चलाए गए अभियान के नतीजों का जिक्र करते हुए कहा कि बी एंड एल फॉर्म की अनिवार्यता समाप्त कर दिए जाने से उपभोक्ताओं को काफी लाभ हुआ।
उन्होंने मुख्यमंत्री से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बी एंड एल फॉर्म की अनिवार्यता हमेशा के लिए खत्म करने का अनुरोध किया। इस पर मुख्यमंत्री ने इस संबंध में तत्काल औपचारिक प्रस्ताव भेजकर शासन से आदेश प्राप्त करने के निर्देश दिए।
अगले महीने से 100 तहसीलों को ज्यादा बिजली
तहसीलों की आपूर्ति बढ़ाने के लिए बनाए जा रहे 201 के उपकेंद्रों का निर्माण मार्च 15 तक पूरा कराने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्तूबर में कम से कम 100 उपकेंद्रों को हर हाल में चालू कर दिया जाए। इससे तहसीलों को गांवों के मुकाबले दो घंटे ज्यादा बिजली दी जा सकेगी।
नई भर्तियों के लिए प्रस्ताव मांगा
प्रमुख सचिव ऊर्जा का कहना था कि बिजली निगमों में वर्ष 2000 के मानक के आधार पर पद सृजित हैं, जबकि इसके बाद लाइनों, सबस्टेशनों आदि की संख्या कई गुना बढ़ चुकी है। ऐसे में तकनीकी और गैरतकनीकी पद बढ़ाए जाने की जरूरत है। इस पर मुख्यमंत्री ने पदों का आकलन कर शासन को तत्काल प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
किसानों को निजी नलकूपों के लिए दें कनेक्शन
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान चलाकर किसानों के 40,000 बचे निजी नलकूपों के लिए इसी वित्तीय वर्ष में बिजली कनेक्शन दें जिससे अप्रैल 2015 से उन्हें आवेदन के साथ ही नलकूपों के लिए बिजली दी जा सके। उन्होंने इस मद में 160 करोड़ रुपये की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।