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सुबूत के साथ बोले अखिलेश, 'अब भी घूस ले रहे हैं अफसर'

Sat, 14 Feb 2015 10:50 AM IST
अनिल कुमार श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सूबे की अफसरशाही को फिर आईना दिखाया। उन्होंने कहा, हमारी सरकार छवि बदलने में कामयाब तो रही है, लेकिन अफसर अब भी पैसा ले रहे हैं। उन्होंने एक अफसर का उदाहरण दिया। बताया, ‘हमारे एक कार्यकर्ता ने वाट्सएप पर मैसेज भेजा है, उसमें दिख रहा है कि अधिकारी ने पैसा लिया और झट से रख लिया। यह वीडियो मैंने मुख्य सचिव आलोक रंजन को भी दिखाया है।’
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आईएएस वीक के दूसरे दिन विधानभवन के तिलक हॉल में शुक्रवार को आयोजित एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस में अफसरों को नसीहत देते हुए सीएम ने कहा, आज लोगों की उम्मीदें बहुत बढ़ गईं हैं।

हर किसी के काम पर लोगों की नजर है। गड़बड़ करने पर वे बच नहीं सकते। कल तक सिर्फ सूचना का माध्यम माना जाने वाला मोबाइल अब वॉट्सएप के जरिए पोल भी खोलने लगा है। आज कोई भी बात छिप नहीं सकती।
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...लेकिन न नाम बताया, न कार्रवाई की दी जानकारी

मुख्यमंत्री ने घूसखोरी का उदाहरण देकर अफसरों को हिदायत तो दे दी, लेकिन न तो उस भ्रष्ट अफसर का नाम लिया और न विभाग के बारे में बताया। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि घूसखोर अफसर के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई या नहीं। अलबत्ता बेहतर काम करने वाले अफसरों की तारीफ जरूर की।

सलाह : तकनीक का इस्तेमाल करें
मुख्यमंत्री ने अफसरों को सूचना तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा, किसी बात की जमीनी हकीकत जानना चाहें, तो तत्काल जान सकते हैं। एक अफसर को मौके पर भेज दें, वह हर दस मिनट पर वॉट्सएप पर फोटो भेजकर हकीकत सामने ला सकता है। लोगों को भी इससे फायदा होगा।
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चेहरा बदल कर आ सकते हैं लव जेहाद वाले

मुख्यमंत्री ने आईएएस अफसरों को लव जेहाद की बात करने वालों से सतर्क रहने की नसीहत दी। उन्होंने कहा, दिल्ली विधानसभा के चुनाव नतीजों ने बड़े संदेश दिए हैं। कल तक लव जेहाद की बात करने वाले किसी दूसरे रूप में सामने आ सकते हैं।

तारीफ : आंख गंवाकर भी संभाली कानून-व्यवस्था
सूबे की कानून-व्यवस्था पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, प्रदेश के कुछ हिस्सों में पिछले कुछ महीनों में सांप्रदायिक ताकतों व समाज विरोधी तत्वों ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की। लेकिन फील्ड के अफसरों ने सूझ-बूझ से स्थिति संभाल ली।

मुरादाबाद के तत्कालीन डीएम चंद्रकांत का हवाला देकर कहा कि उन्होंने अपनी परवाह नहीं की, अपनी आंख गंवाकर भी कानून-व्यवस्था संभाली। साफ है अफसर मौके पर रहे तो अराजक तत्व सफल नहीं हो सकते।
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