प्रदेश सरकार ने दिल्ली को चेतावनी दी है कि यदि उसे गंगा का पानी चाहिए तो दिल्ली में यमुना को साफ रखें।
प्रदेश के सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि यदि यमुना में 16 गंदे नालों का पानी डालने पर दिल्ली सरकार ने रोक न लगाई तो उसे दिया जाने वाला 400 क्यूसेक गंगाजल आगरा-मथुरा को दे देंगे।
शिवपाल यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दिल्ली सरकार को सात फरवरी को नोटिस भेज दिया गया है। दिल्ली से कहा गया है कि ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर साफ पानी यमुना में डाला जाए।
जल संसाधन मंत्री की बैठक में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के सामने भी यह मसला उठाया था। कोई कार्रवाई नहीं होने पर नोटिस भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली से गिरने वाली गंदगी के कारण यमुना इतनी प्रदूषित हो गई है कि उसमें मछलियां मर जाती हैं, पशु पानी पी ले तो वह भी मर सकता है।
दिल्ली में यमुना साफ होने से आगरा, मथुरा को शुद्ध पानी देने में आसानी होगा। मथुरा में यमुना को स्वच्छ जल देने के लिए आंदोलन भी चल रहा है।
सरकार आगरा और मथुरा को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराएगी। यूपी दिल्ली को पेयजलापूर्ति के लिए गंगा का 400 क्यूसेक पानी देता है।
हम इसे देते रहना चाहते हैं, लेकिन दिल्ली में यमुना में गंदगी डालने पर रोक न लगी तो मजबूर होकर यह पानी मथुरा-आगरा को दे दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि गाजियाबाद, नोएडा और मुजफ्फरनगर में हिंडन का पानी भी दूषित है। हिंडन आकर यमुना में मिलती जाती है।
हिंडन को भी प्रदूषित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नदियों की सफाई सरकार की प्राथमिकता है। गंगा, यमुना, गोमती, हिंडन और अन्य नदियों को साफ कर उन पर घाट बनाए जाएंगे।
यह काम गढ़मुक्तेश्वर, मथुरा, इलाहाबाद और वाराणसी में किया जाएगा। इसके लिए संसाधनों की जरूरत है। नदियों की सफाई के लिए केंद्र से 30 हजार करोड़ रुपये की मांग की है।