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मात्र 10 क्लिक में जानें यूपी के भारी भरकम बजट के बारे में

Fri, 12 Feb 2016 10:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने मौजूदा कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करते हुए अपनी महात्वाकांक्षी योजनाओं को पूरा करने के साथ ही चुनावी साल होने के कारण नौजवानों-किसानों को खास तबज्जो दी है।
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शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थापना पर भारी भरकम बजट के जरिए जहां सभी वर्गो के वोटरों को खींचने की कोशिश बजट में दिखती है, वहीं बुदेलखंड और पूर्वांचल को तबज्जो देकर वहां अपनी जमीन मजबूत करने का जुगाड़ भी मुख्यमंत्री ने किया है।

आई स्पर्श योजना के नाम से नई योजना के जरिए उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार को सियासी जवाब देकर अपने वोटरों को एक संकेत देने की कोशिश भी की है।

बजट के शुरूआत में ही अंशकालिक शिक्षकों के लिए भारी धन के  प्रावधान के साथ उन्होंने अपने मंसूबे जाहिर कर दिए हैं।

'मेट्रो में सफर करके विधानसभा पहुंचेंगे अगली बार'

मुख्यमंत्री की ओर से शुक्रवार को विधानसभा में 2016-17 के लिए पेश 3,46,935 करोड़ रुपये का बजट आकार के लिहाज से अब तक का सबसे बड़ा है।

बजट पेश करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने दावा किया कि अगला बजट भी वही पेश करेंगे। उन्होंने कहा, अगली बार सदन के बहुत से सदस्य मेट्रो में सफर करके विधानसभा पहुंचेंगे। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर वाहन फर्राटा भर रहे होंगे।

अखिलेश के इस बजट में गांव, गरीब और किसानों को राहत देने की कोशिश भी दिखती है और सड़क, पुल, सिंचाई और बिजली जैसे बुनियादी सुविधाओं के विकास की चिंता भी।

इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट के लिए बजट में 78 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की व्यवस्था की जा रही है। कृषि व इन्फ्रास्ट्रक्चर के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, महिलाओं के कल्याण पर भी खास जोर दिया गया है।

सुशासन के लिए ये कदम उठाए

कानून-व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए पुलिस के आधुनिकीकरण, डायल 100 सेवा के विस्तार, स्मार्ट सिटी सर्विलांस सिस्टम, यातायात प्रबंधन, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉंस फोर्स के गठन आदि के लिए 1024 करोड़ रुपये का प्रवाधान किया गया है।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का दायरा बढ़ा
अखिलेश सरकार ने वोट वैंक का ख्याल रखते हुए समाजवादी पेंशन, वृद्धावस्था व किसान पेंशन, राजनीतिक बंदियों व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पेंशन, विकलांग पेंशन, अल्पसंख्यक कल्याण समेत अन्य कल्याणकारी योजनाओं का दायरा बढ़ाए जाने की घोषणा भी बजट में की है।

लखनऊ मेट्रो के लिए 814 करोड़, एक्सप्रेस- के  लिए 4003 करोड़ दिए।

वाराणसी व कानपुर मेट्रो के लिए दिया बजट

शहरी क्षेत्र के विकास पर भी जोर देते हुए राजधानी लखनऊ में मेट्रो परियोजना को पूरा के लिए 814 करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में किया है तो कानपुर व वाराणसी में भी मेट्रो परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए 50-50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।

अपनी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के लिए उन्होंने 4003 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

इसके साथ ही लखनऊ-आजमगढ़-बलिया समाजवादी एक्सप्रेस-वे के लिए भी 1500 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर पूर्वांचल की ओर उन्होंने अपने कदम बढ़ा दिए हैं।

इसके पहले कई अनुपूरक बजट

चालू वित्तीय वर्ष के मुकाबले 14.6 फीसदी ज्यादा बजट
अखिलेश ने 2016-17 के बजट को चालू वित्तीय वर्ष के बजट के मुकाबले 14.6 फीसदी अधिक बताया।

लेकिन वर्ष 2015-16 के दोनों अनुपूरक बजट को भी जोड़ दिया जाए तो इस साल का बजट शुक्रवार को पेश किए गए 3.46 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है।

अखिलेश ने पिछले साल फरवरी में 3,02,687 करोड़ रुपये का मूल बजट पेश किया था।

इसके बाद अगस्त में 19825 करोड़ रुपये तथा 11 फरवरी 16 को 27,759 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पास कराया गया। तीनों को मिलाकर चालू वित्तीय वर्ष का बजट 3,50,271 करोड़ रुपये होता है।

नई योजनाओं का बजट बढ़ा

2016-17 के बजट में चालू वित्तीय वर्ष के मुकाबले नई योजनाओं के बजट में बढ़ोतरी की गई है। 2015-16 के बजट में 9,388.79 करोड़ रुपये की नई योजनाएं शामिल गई थीं। मुख्यमंत्री ने आज बजट पेश करते हुए बताया कि अगले वित्तीय  वर्ष के लिए 13,842 करोड़ रुपये की नई योजनाएं शामिल की गई हैं।

बजट एक नजर में
कुल बजट : 3,46,935 करोड़ रुपये
प्राप्तियां : 3,40,120.61 करोड़ रुपये
राजस्व बचत : 28,200.90 करोड़ रुपये
राजकोषीय घाटा : 49,960.88 करोड़ रुपये (सकल घरेलू उत्पाद का 4.04 फीसदी)

बजट में इन योजनाओं के लिए है खास प्रावधान

अवस्थापना सुविधाओं का विकास : 78,255 करोड़
बिजली : 33,862 करोड़
शिक्षा : 54,246 करोड़
चिकित्सा-स्वास्थ्य : 19,383 करोड़

कृषि एवं ग्राम विकास : 38,246 करोड़
समाज कल्याण : 11,199 करोड़
अल्पसंख्यक कल्याण : 2775 करोड़

प्रमुख नई योजनाओं के लिए बजट प्रावधान
- समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे परियोजना- 1500 करोड़
- समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना - 897 करोड़
- आई स्पर्श योजना- 300 करोड़
- ग्रामीण पेयजल योजना-475 करोड़

इन योजनाओं के लिए खास इंतजाम

- गर्भवती महिलाओं के लिए फीडिंग कार्यक्रम -400 करोड़
- बुंदेलखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था -160 करोड़
- बुंदेलखंड-विंध्य में सरफेस सोर्स पेयजल योजना - 395 करोड़

- पूर्वांचल क्षेत्र विशेष योजना - 200 करोड़
- बुंदेलखंड क्षेत्र विशेष योजना-140 करोड़
- लखनऊ में शाने अवध संकुल का निर्माण - 100 करोड़

- समाजवादी युवा स्वरोजगार योजना- 40 करोड़
- समाजवादी हस्तशिल्प पेंशन योजना- 10 करोड़
- समाजवादी हथकरघा बुनकर पेंशन योजना - 30 करोड़
- समाजवादी स्वास्थ्य बीमा योजना- 16.54 करोड़

नौजवानों को साधने के लिए की ये कोशिशें

-व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मिशन के जरिये अगले साल 3 लाख युवाओं को विभिन्न ट्रे़ड में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य
-समाजवादी युवा स्वरोजगार योजना के लिए 40 करोड़
-मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत 3000 इकाइयां, 60 हजार को रोजगार

सभी सरकारी क़ॉलेजों की लाइब्रेरी व कॉमन रूम और इंजीनियरिंग कॉलेजों में वाई-फाई की सुविधा

ओलम्पिक में गोल्ड लाने पर अब 6 करोड़
मुख्यमंत्री ने रियो डि जनेरो में इस साल होने वाले ओलम्पिक में गोल्ड मेडल लाने वाले खिलाड़ी को 6 करोड़, सिल्वर लाने वाले को 4 करोड़ और कांस्य लाने वाले को 2 करोड़ रुपये देने का एलान किया है।

टीम वर्ग में यह रकम क्रमश: 3 करोड़, 2 करोड़ व 1 करोड़ होगी। ओलम्पिक में भाग लेने वाले खिलाड़ी को भी 10 लाख रुपये दिए जाएंगे।
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पूर्व खिलाड़ियों को दी जानें वाली आर्थिक मदद दोगुनी

सूबे के पूर्व खिलाड़ियों की आर्थिक सहायता की राशि भी दोगुनी करते हुए 10 हजार, 6 हजार व 4 हजार रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। अर्जुन, द्रोणाचार्य, खेलरत्न पुरस्कार और पद्म सम्मान पाने वाले वाले खिलाड़ियों को 20 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।

मिड-डे मील में फल भी
सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिड-डे मील में फल दिए जाने का प्रस्ताव है। सरकार ने इसके लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया है।
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