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यूपी में बनेंगे नए सियासी समीकरण, अखिलेश-मायावती साझा करेंगे मंच

Thu, 08 Jun 2017 01:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मायावती व अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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लालू प्रसाद यादव की पटना रैली से प्रदेश की सियासत में नए समीकरण बन सकते हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती इस रैली में पहली बार एक साथ मंच शेयर करेंगे। इसे प्रदेश की राजनीति के चिर प्रतिद्वंद्वी सपा और बसपा के एक दूसरे के करीब आने के तौर पर देखा जा रहा है।
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लालू 27 अगस्त को पटना में भाजपा भगाओ-देश बचाओ रैली कर रहे हैं। इसे एक तरह से भाजपा के खिलाफ महागठबंधन की शुरुआत माना जा रहा है। इस रैली के लिए प्रदेश की राजनीति के दोनों प्रमुख ध्रुवों अखिलेश यादव व मायावती को निमंत्रण भेजा गया है। अखिलेश पहले ही कह चुके हैं कि वह पटना रैली में जाएंगे।

राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष अशोक सिंह ने मायावती के भी रैली में शामिल होने की पुष्टि की है। अब दोनों नेता 27 अगस्त को पटना के गांधी मैदान में रैली को संबोधित करेंगे।
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2019 के पहले बन सकता है महागठबंधन

बसपा सुप्रीमो मायावती - फोटो : amar ujala
यह पहला मौका होगा जब अखिलेश व मायावती किसी रैली या सार्वजनिक कार्यक्रम में साथ-साथ रहेंगे। इसे निकट भविष्य में दोनों दलों के करीब आने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। विधानसभा चुनाव में करारी हार के  बाद अखिलेश व मायावती भाजपा के खिलाफ गठबंधन का संकेत दे चुके हैं।

ऐसी संभावना जताई जा रही है कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश में सपा-बसपा समेत कुछ दलों का महागठबंधन बन सकता है। इसमें कांग्रेस भी शामिल हो सकती है।

सपा-बसपा का गठबंधन हुआ तो यह यूपी की राजनीति की बड़ी घटना होगी। इससे पहले दोनों दलों के बीच 1993 में गठबंधन हुआ था। तब गठबंधन सरकार में मुलायम सिंह मुख्यमंत्री बने थे। 1995 में यह गठबंधन टूट गया।

उस वक्त गेस्ट हाउस में मायावती पर सपा समर्थकों ने हमला भी किया था। तभी से दोनों दलों के बीच तल्खी चली आ रही है। इनमें गठबंधन हुआ तो राष्ट्रीय स्तर पर भी भाजपा के खिलाफ विकल्प बन सकता है।
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