फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अखिलेश का आरोप: यूपी में नशे-अपराध का सिक्का, जुमला है जीरो टॉलरेंस; नशीले पदार्थों का खुलेआम कारोबार

Sun, 28 Dec 2025 09:40 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Akhilesh Yadav: अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर तीखा हमला करते हुए कहा कि राज्य में नशे और अपराधियों का सिक्का कायम है। 
विज्ञापन
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। प्रदेश में हर दिन बहन-बेटियों और माताओं पर अत्याचार हो रहा है। कानून-व्यवस्था और महिला अपराध पर भाजपा सरकार का जीरो टॉलरेंस दावा जीरो है। पुलिस बेलगाम है। भ्रष्टाचार चरम पर है। अपराधी और अराजक तत्व खुलेआम घटनाएं कर रहे है।
विज्ञापन


अखिलेश ने जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री का गृह नगर गोरखपुर हो या अन्य जिले अपराध नहीं रुक रहे हैं। ऊपर से नीचे तक नशे का सिक्का चल रहा है। लगता है अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का जुमला भी मदमस्त होकर कहीं पड़ा होगा। अपराधी-माफिया निर्भय होकर अपना नशीला व जहरीला कारोबार चला रहे है। इन अवैध कारोबारियों को सत्ता का संरक्षण है।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस-प्रशासन मूक दर्शक बनकर यूपी में बढ़ रहे अपराधों को आंख बंद करके देख रहा है। भाजपा सरकार उत्तर प्रदेश को बर्बाद कर रही है। इस सरकार में न तो महिलाएं सुरक्षित है और न युवा और व्यापारी।
विज्ञापन

 
विज्ञापन

सच्चे साधु-संतों के सम्मान से बड़ा कुछ भी नहीं : अखिलेश

सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि किसी एक की सत्ता का अहंकार व अभिमान सच्चे साधु-संतों के मान-सम्मान से बड़ा नहीं हो सकता है। जो अपने लिए भूमि पर स्थाई कब्जा करके बैठे हैं, वे धर्म के काम के लिए किसी और को अस्थायी भूमि तक आवंटित नहीं करना चाहते हैं। ये सदियों से चली आ रही परंपरा का घोर अपमान है।

अखिलेश ने कहा कि कुंभ और माघ मेले की ये स्वस्थ परंपरा रही है कि इस पुण्य कार्य के आयोजन के लिए अधिकारी साधु-संतों का आशीर्वाद लेते हैं, लेकिन भाजपा राज में हालात ये हो गए हैं कि साधु-संतों को अधिकारियों के आगे जमीन पर लेटकर गिड़गिड़ाना पड़ रहा है, वो भी किसी व्यक्तिगत नहीं बल्कि धर्मार्थ कार्य के लिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें