बिजली के मुद्दे पर भाजपा व केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं। केंद्रीय बिजली मंत्री यूपी को उसके हिस्से का पूरा कोयला व बिजली उपलब्ध कराने के बजाय ट्विटर पर जवाब दे रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आड़ में दांव-पेंच चला जा रहा है।
विधानसभा में बुधवार को बिजली के सवाल पर भाजपा के डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और अन्य सदस्यों द्वारा सरकार को घेरे जाने पर मुख्यमंत्री ने भाजपा व केंद्र को ही कठघरे में खड़ा कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली परियोजनाओं के लिए प्रदेश के पास पर्याप्त कोयला नहीं है।
केंद्र में नई सरकार बनने के बाद पहले दिन से ही आपके मंत्री ट्विटर पर जवाब दे रहे हैं। वाराणसी के विधायक श्यामदेव राय चौधरी के धरने और भूख हड़ताल पर बैठने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भाजपा के लोग उनसे बातचीत करने आए थे तब उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में यूपी ने इतना समर्थन किया है तो क्या कोयले व बिजली का कोटा बढ़ाएंगे? कोटा तो नहीं बढ़ाया, सुप्रीम कोर्ट की आड़ लेकर दांव-पेंच जरूर शुरू हो गया।
क्या ट्विटर से होगी बिजली पर बातचीत?
भाजपा अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बीच में टोकते हुए बिजली मंत्री की ओर से चार बार बातचीत का प्रयास करने की बात कही तो अखिलेश ने सवाल दागा कि क्या आप मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री के बीच हुई बात टेप करा रहे थे?
क्या ट्विटर से बातचीत होगी? हम बातचीत करने को तैयार हैं। जब केंद्रीय मंत्री ट्विटर पर जवाब दे रहे थे तो हमने भी एक-एक दिन की जानकारी दी कि कब कितना कोयला और बिजली दी गई। सारा रिकॉर्ड मौजूद है। निकलवा कर देख लें।
40 फीसदी कम कोयला मिला
संसदीय कार्य मंत्री आजम खां ने कहा कि यूपी को केंद्र से 40 फीसदी कम कोयला मिला। हमारी सरकार ने पूरी बिजली देने का वादा किया था, इसके लिए प्रयास भी कर रहे हैं लेकिन पेट्रोल, डीजल और कोयला तो केंद्र ही दे सकता है।
अनपरा में 70,000 के बजाय 22,000 मीट्रिक टन, पारीछा में 18,000 के बजाय 11,000, पनकी में 4000 के बजाय 3420 और ओबरा में 15,000 टन के बजाय 7410 मीट्रिक टन कोयला दिया गया। ऐसे में लोगों को पता होना चाहिए कि क्यों बिजली नहीं मिल पा रही है। लोगों ने उजाले की उम्मीद में भाजपा को वोट दिया लेकिन अंधेरा मिला।
आजम ने ली भाजपाइयों की चुटकी
प्रश्न प्रहर में आजम ने भाजपाइयों की खूब चुटकी ली। आजम ने भाजपा सदस्यों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि उधर होड़ मची है कि असल नेता कौन है। इस पर लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने आजम पर प्रश्न से अलग हटकर बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे नेता सुरेश खन्ना हैं।
आजम ने फिर चुटकी कि आखिर वाजपेयी को सफाई देनी ही पड़ गई कि खन्ना ही उनके नेता हैं।