सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में दबंगों को सत्ता का संरक्षण मिला हुआ है। कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। भाजपा सरकार में दिन दहाड़े सड़कों पर अपराध हो रहे हैं। अपराधी बेखौफ हैं। भाजपा सत्ता की पूरी ताकत राजनीतिक विरोधियों की आवाज दबाने में लगा रही है। भाजपा सरकार को जनता की समस्याओं और आम जन की सुरक्षा से मतलब नहीं है। उधर, उन्होंने ट्वीट कर गाजियाबाद की घटना का वीडियो पोस्ट कर लिखा कि यूपी भाजपा ने कानून व्यवस्था का अंतिम संस्कार कर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रयागराज में सरेआम सड़क पर वकील की उसके सरकारी सुरक्षा गार्डों के साथ हत्या हुई। इसी तरह से उन्नाव के सफीपुर में दबंगों ने 15 साल की छात्रा को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया। उसके बाद छात्रा की हत्या कर शव पुलिस चौकी से चंद कदम दूरी पर फेंक दिया। क्रूरता की हद पार करते हुए हत्या के बाद शव को वाहन से रौंद दिया।
अखिलेश यादव ने चंदौली के चकिया, लखनऊ के मोहनललागंज में छात्राओं के साथ हुई घटना का जिक्र करते हुए क हा कि देश में सबसे ज्यादा खराब कानून व्यवस्था भाजपा शासित उत्तर प्रदेश की है। सत्ता के नशे में भाजपा नेताओं की आखों पर पट्टी पड़ गयी है। भाजपा की पूरी कोशिश लोकतंत्र को खत्म करने की है। भाजपा सरकार में आम जनता और गरीब को न्याय नहीं मिल रहा है। न्याय मांगने पर लोगों को थाने में डराया और धमकाया जा रहा है। भाजपा की डबल इंजन सरकार में उत्पीड़न, अन्याय और अत्याचार चरम पर है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी भाजपा सरकार के कुशासन से जनता के मुक्ति दिलाएगी। सड़क से लेकर सदन तक भाजपा का विरोध करेगी। जनता को जागरूक कर आगामी चुनाव में भाजपा को सत्ता से बेदखल किया जाएगा।
मनीष की गिरफ्तारी पर अखिलेश ने जताया एतराज
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया की गिरफ्तारी पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट किया कि मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी ने साबित कर दिया है कि भाजपा सरकार 2024 से पहले ही अपनी हार मान चुकी है। इसलिए अलग-अलग प्रदेशों में विपक्षी राजनीतिक शख्सियतों को झूठे मुकदमे में फंसा रही है। लेकिन संघर्षशील लोग जेल जाने से नहीं डरते। सच को भला कब तक गिरफ्तार रखा जा सकता है।
अखिलेश यादव ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार करके भाजपा ने साबित कर दिया है कि भाजपा शिक्षा ही नहीं बल्कि दिल्ली के बच्चों के भविष्य के खिलाफ भी है। दिल्ली की जनता इसका जवाब अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा को सातों सीटें हराकर देगी।