सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गाजीपुर की घटना पर दुख जताते हुए शासन-प्रशासन की नाकामी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि पत्थर किसी एक ने मारा और अन्याय कितने लोगों के साथ किया जा रहा है?
अखिलेश ने कहा कि गाजीपुर में प्रधानमंत्री आ रहे थे। खुफिया तंत्र के पास सूचनाएं थीं कि कहां लोग इकट्ठे हो सकते हैं? उन्होंने कहा, यह घटना इसलिए हुई क्योंकि सदन हो या मंच, हर जगह मुख्यमंत्री यही भाषा बोलते हैं, ठोक दो।
कभी पुलिस को समझ में नहीं आता कि किसे ठोकना है और कभी जनता नहीं समझ पाती कि किसे ठोकना है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी तबादला रुकवाने और पोस्टिंग के लिए एनकाउंटर कर रहे हैं। ऊपर के अधिकारी ठोको नीति पर चलते हैं तो थाने वाले भी यही करने लगे हैं। जेलों तक में यह संस्कृति पहुंच गई है।
जेल में मर्डर यूं ही नहीं हो जाते। उन्होंने कहा कि निषाद समाज का मुद्दा वही है जो भाजपा ने उनसे कहा था। उस समय तो भाजपा नफरत फैलाने में लगी थी। दुष्प्रचार कर रही थी कि सभी सरकारी नौकरियां यादव ले गए। ओबीसी में नौकरियों की गिनती कराई है। सभी की गिनती कराओ, तो पता चले किसे कितनी नौकरियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा जातियों में नफरत फैलाने का काम करती है।