मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और राहुल गांधी के इन आरोपों को गलत बताया है कि प्रदेश सरकार केंद्र की विकास योजनाएं व जनता के हित के फैसलों को उत्तर प्रदेश में लागू करने में दिल्ली का सहयोग नहीं कर रही है।
अखिलेश ने खाद्य सुरक्षा बिल के बारे में राहुल के आरोपों पर चुटकी लेते हुए कहा कि वह हमें फूड मुहैया करा दें, हम उन्हें बिल भेज देंगे।
मुख्यमंत्री का आशय शायद यह था कि केंद्र सरकार इस कानून को लागू करने के लिए प्रदेश की वास्तविक जरूरत भर का धन नहीं दे रही है। वह पहले भी इस तरह का आरोप लगा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी योजनाएं या फैसले प्रदेश की जनता व किसानों के हित में हैं, उन सबको लागू किया जा रहा है।
खाद्य-सुरक्षा कानून को उत्तर प्रदेश में लागू करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उसे भी लागू किया जाएगा। पर, किसानों का हित देखने के बाद। प्रदेश सरकार ने इस कानून को लागू करने का समय व तारीख तय कर रखी है।
प्रदेश के मुख्य सचिव जावेद उस्मानी आपको बता देंगे। गौरतलब है कि मुख्य सचिव जावेद उस्मानी जुलाई 2014 से इस कानून को लागू करने का संकेत दे चुके हैं।
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मुख्यमंत्री शुक्रवार को यहां अपने सरकारी आवास 5 कालिदास मार्ग पर किसानों के लिए मंडी परिषद की 2318 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण करने के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
मुजफ्फरनगर में फिर सांप्रदायिक हिंसक घटनाओं के घटने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ घटनाएं हैं। पर, कुछ लोग अपने फायदे के लिए इन घटनाओं को सांप्रदायिक रंग देने में जुटे हैं।
इन्हें अपने षडयंत्र में सफल नहीं होने दिया जाएगा। जो ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री से जब यह सवाल हुआ कि कुछ लोग यह आरोप लगा रहे हैं कि इस घटना में पक्षपात पूर्ण व एकतरफा कार्रवाई हो रही है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों घटनाएं अलग-अलग तरह की हैं। पर, कुछ लोग एक घटना को दबाना और दूसरी को उभारना चाहते हैं। इसीलिए इस तरह का आरोप लगा रहे हैं। इन लोगों को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
कठोर कार्रवाई होगी। पुलिस महानिदेशक देवराज नागर मौके पर हैं। वह शाम को आएंगे तो उनसे बात करके पूरी स्थिति को समझूंगा।
राहुल व केंद्र की चुटकी, बसपा पर भी निशाना
मुख्यमंत्री ने कुछ सवालों पर राहुल गांधी और केंद्र सरकार की खूब चुटकी ली। इस सवाल पर कि राहुल गांधी ने प्रदेश सरकार पर विकास योजनाओं में सहयोग न करने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह बड़े नेता हैं।
भूल जाते हैं। रायबरेली में एम्स के लिए केंद्र सरकार हमसे पहले वाली सरकार (बसपा) से भी जमीन मांगती रही। पर, जमीन नहीं मिली। हमारी सरकार आई तो मुफ्त जमीन मुहैया करा दी। उन्हें जरूरत होगी तो और जमीन दे दी जाएगी।
इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के लिए भी प्रदेश सरकार ने जमीन मुहैया करा दी है। उन्हें अगर और योजनाओं के लिए जमीन चाहिए तो हम देंगे।
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मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वह (राहुल) तब नहीं बोले, जब पांच साल प्रदेश से उन्हें कोई सहयोग दिया ही नहीं गया। कांग्रेस और उन्हें (राहुल) को प्रदेश सरकार पर आरोप लगाने से पहले बुंदेलखंड पैकेज के तहत आए पैसे से बांटी गई बकरियों का पता लगाना चाहिए।
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पिछली सरकार (बसपा) ने पैकेज के धन से बुंदेलखंड में बकरियां बांट दी। पर, हमारी सरकार को वहां कोई बकरी नहीं मिल रही। कम से कम केंद्र सरकार और वह (राहुल) बकरियां ढूंढने में हमारी मदद कर दें।
मुख्यमंत्री से जब यह सवाल हुआ कि उन्होंने गांवों व कृषि पर जिन किताबों का विमोचन किया है, वे अंग्रेजी में है। मुख्यमंत्री ने फिर चुटकी ली। कहा कि लेखक हृदयराम यादव ने इन्हें लिखने की शुरुआत अमेठी से की है। इसलिए अंग्रेजी में लिखी। दूसरी जगह से शुरू करते तो शायद हिंदी में लिखते।
भगवान राम के समय भी रावण थे
मुख्यमंत्री से पूछा गया कि सरकार की तरफ से छात्र-छात्राओं को दिए जा रहे लैपटॉप बेचने की शिकायतें सामने आ रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें भी जानकारी मिली है। वह इसका पता लगा रहे हैं। जानकारी मिल जाएगी पर, कार्रवाई नहीं करेंगे। बच्चों का मामला है। हर योजना में कुछ न कुछ कमी रहती है। भगवान राम के समय भी रावण थे।
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