लखनऊ। पूर्व ज्येष्ठ उप प्रमुख अजीत सिंह की हत्या का आरोपी शूटर मुस्तफा उत्तराखंड में छिपा था। बागपत एसओजी ने उत्तराखंड पुलिस की मदद से उसे बुधवार को उसे दबोचा। उससे पूछताछ की जा रही है। मुस्तफा ने पुलिस को अजीत सिंह की हत्या से जुड़े कई अहम सुराग दिए हैं। हालांकि लखनऊ पुलिस और बागपत पुलिस के अधिकारी इस बारे में चुप्पी साधे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, मुस्तफा को दबोचने के लिए एसओजी ने उसकी प्रेमिका का ठिकाना तलाशा। जब पता चला कि वह अपनी प्रेमिका के साथ देहरादून के पास छिपा हुआ है तभी एसओजी ने उसे धर दबोचा।
विभूतिखंड पुलिस व क्राइम ब्रांच ने 21 जनवरी को कठौता गैंगवार के आरोपी शूटर संदीप सिंह बाबा को दबोचा था। उसने पूछताछ में 6 जनवरी को अजीत हत्याकांड से जुड़े सभी शूटरों के बारे में जानकारी दी थी। इस वारदात में शामिल गिरधारी को पुलिस ने कस्टडी रिमांड पर लिया था। 14 फरवरी को असलहा बरामदगी के दौरान भागने के प्रयास में उसकी पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। मुठभेड़ के बाद मुस्तफा आत्मसमर्पण करने की कोशिश में लगा था। इसी दौरान बागपत की एक हत्या में वांछित मुस्तफा उर्फबंटी के बारे में पुलिस को सुराग मिल गया।
इसके बाद बागपत की एसओजी टीम ने मुस्तफा के ठिकानों की तलाश शुरू की। मुस्तफा के अपनी प्रेमिका के साथ उत्तराखंड में छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद बागपत की एसओजी टीम ने देहरादून से 20 किमी. की दूरी पर स्थित एक कॉलोनी में दबिश देकर बुधवार को उसे दबोच लिया। हालांकि मुस्तफा की गिरफ्तारी केसंबंध में तैनात के एक पुलिस अधिकारी ने इसकी पुष्टि कर दी थी। लेकिन बृहस्पतिवार को लखनऊ की कमिश्नरेट पुलिस और बागपत के पुलिस अधिकारी चुप्पी साध गये। बागपत के एसपी अभिषेक सिंह ने कहा कि यहां लखनऊ पुलिस या एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तारी की होगी। स्थानीय पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई है।
तीन शूटरों व पूर्व सांसद की तलाश
अजीत सिंह हत्याकांड में शामिल तीन शूटर रवि यादव, शिवेंद्र सिंह उर्फ अंकुर और राजेश तोमर उर्फ जय अभी फरार है। पुलिस ने फरार तीनों शूटरों पर 50 हजार रुपये का इनाम घोेषित कर दिया है। फरार शूटर राजेश तोमर की तलाश में विभूतिखंड पुलिस ने दो दिनों आजमगढ़ में ढेरा डाल रखा है। राजेश गैंगवार में अजीत पर फायरिंग के दौरान घायल हुआ था। उसका इलाज जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह के कहने प र सुल्तानपुर के एक निजी अस्पताल में कराया गया था। वहीं इस हत्याकांड की साजिश रचने व साक्ष्य छिपाने के आरोपी बनाए गये पूर्व सांसद धनंजय सिंह की भी तलाश में पुलिस ने कई जगह दबिश दी है।
नाम और हुलिया बदलने में माहिर है मुस्तफा
मुस्तफा मूल रूप से हरियाणा के झज्जर का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक ,वह नाम व हुलिया बदलने में माहिर है। पुलिस रिकॉर्ड में उसके बंटी उर्फ वीरू उर्फ राजेश उर्फ मुस्तफा जैसे कई नाम हैं। कुख्यात सुनील राठी गिरोह में शामिल होने के बाद से वह बागपत के अलावा हरियाणा के सोनीपत, पानीपत, रोहतक व बदायूं समेत अन्य ठिकानों पर रहा।
राठी व राजेश से तिहाड़ जेल में मिला था
लखनऊ की कठौता गैंगवार में घायल अलीगढ़ के भीमनगर निवासी राजेश तोमर उर्फ जय हत्या के एक मामले में छह साल तक तिहाड़ जेल में बंद रहा था। पुलिस को जानकारी मिली है कि यहीं पर उसकी मुलाकात सुनील राठी से हुई, जिसके बाद वह उसके गैंग का शूटर बन गया। दोनों परमवीर पर फायरिंग करने वालों में शामिल रहे थे।
पूर्व संासद व राठी केबीच काफी करीबी है
जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह और कुख्यात सुनील राठी के परिवार के बीच काफी नजदीकियां रही हैं। धनंजय सिंह एक बार सुनील राठी के घर टीकरी आए थे। इसके बाद पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी हत्याकांड में भी सुनील राठी की नामजदगी के अलावा धनंजय सिंह का नाम भी आया था, लेकिन बाद में उन्हें क्लीन चिट मिल गई थी। वहीं राठी गैंग के शूटरों के साथ अजीत की हत्या में पूर्व सांसद का नाम भी सामने आया है।
तरवां व देवगांव में छापेमारी
अजीत हत्याकांड में जिन शूटरों की तलाश में लखनऊ पुलिस दो दिन से आजमगढ़ में डेरा डाले हुए है। इस मामले में आजमगढ़ के अंकुर सिंह, बंधन सिंह व प्रिंस भी शामिल थे। बंधन ने कुछ दिन पहले जनपद न्यायालय में समर्पण कर दिया है। बागपत से पुलिस ने एक शूटर मुस्तफ ा को पकड़ा तो कुछ शूटरों की लोकेशन आजमगढ़ में मिली। पुलिस के मुताबिक दो शूटर आजमगढ़ में समर्पण करने केलिए जुगत लगा रहे थे। उनकी लोकेशन मिलने पर लखनऊ पुलिस ने तरवां व देवगांव कोतवाली क्षेत्र में तीन से चार स्थानों पर छापा मारा पर कुछ हाथ नहीं लगा। इस बाबत पूछने पर एसपी सुधीर कुमार सिंह का कहना था कि लखनऊ पुलिस ने कार्रवाई की होगी, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वहीं आजमगढ़ में समर्पण कर चुके बंधन को लखनऊ पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है। इनपुट : आजमगढ़