आजमगढ़ के जीयनपुर का कुंटू सिंह काफी शातिर बदमाश है। किसी जमाने में मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना निवासी अजीत सिंह व मोहर सिंह उसके साथ ही काम करते थे। वहीं गिरधारी उर्फ डॉक्टर भी कुंटू का वफादार था। तीनों की गिनती शॉर्प शूटरों में होती थी। आजमगढ़ के सगड़ी से विधायक सर्वेश सिंह उर्फ सीपू सिंह की हत्या की सुपारी कुंटू ने सबसे पहले अजीत को ही दी थी। अजीत ने मना कर दिया। इसके बाद वह धीरे-धीरे संपर्क से दूर हो गया। अजीत के पीछे कुछ दिनों बाद मोहर सिंह भी कुंटू से अलग हो गया। उसने अजीत से हाथ मिला लिया। दोनों एक दूसरे पर भरोसा करने लगे।
वहीं 19 जुलाई 2013 में विधायक सर्वेेश की हत्या कर दी गई। इस पर अजीत ने कुंटू से नाराजगी भी जाहिर की। अजीत, सीपू की हत्या का मुख्य गवाह बन गया। इस मुकदमे में गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज कराए जाने शुरू हो गए। कुंटू ने गवाही न देने के लिए उस पर दबाव बनाया लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ा था। इसके बाद कुंटू ने अतरौलिया से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके अखंड सिंह से हाथ मिलाकर अजीत की हत्या करवा दी।