लालबाग और तालकटोरा में शनिवार को भी रही दमघोंटू स्थिति
शहर की दमघोंटू हुई हवा में शनिवार को कुछ स्थानों पर सुधार हुआ, लेकिन लालबाग और तालकटोरा क्षेत्र की हवा का स्तर नहीं सुधरा। दोनों स्थानों का एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 400 से ऊपर दर्ज किया गया। कुछ स्थानों पर मिली आंशिक राहत का असर जरूर हुआ और शहर का शुक्रवार को 447 तक पहुंचा औसत एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) शनिवार को गिरकर 395 पर आ गया। हालांकि 395 एक्यूआई को भी ‘बहुत खराब’ हवा की श्रेणी में माना जाता है।
विशेषज्ञ सर्दियों की वजह से मौसम में हुए बदलाव को प्रदूषण बढ़ने का कारण मान रहे हैं, लेकिन राजधानी के तालकटोरा व लालबाग क्षेत्र की स्थिति ज्यादा बिगड़ी होने का कारण वहां हो रही लापरवाही को भी माना जा रहा है। लालबाग में निर्माण कार्य स्थलों पर उड़ रही धूल पानी छिड़काव के बावजूद नुकसानदेह बनी हुई है। इसी तरह तालकटोरा क्षेत्र में इंडस्ट्रियल एरिया की कुछ इकाइयों से हवा का गुणवत्ता खराब होने की आशंका जताई जा रही है। शनिवार को तालकटोरा का एक्यूआई सुबह से शाम तक गड़बड़ रहा। यहां शाम को 447 और लालबाग में 416 एक्यूआई दर्ज किया गया। उधर, अलीगंज व गोमतीनगर में हवा दमघोंटू तो नहीं रही, लेकिन स्तर बहुत खराब दर्ज किया गया।
राजधानी में हवा का स्तर
क्षेत्र एक्यूआई
तालकटोरा 447
लालबाग 416
अलीगंज 362
गोमतीनगर 316
राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग
राजधानी में अधिवक्ताओं के एक गुट ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को ज्ञापन भेजकर मांग की है कि वह शहर में बढ़ रहे वायु प्रदूषण का संज्ञान लेते हुए जिम्मेदार विभागों को आवश्यक कार्रवाई का आदेश दें। अवध बार के पूर्व उपाध्यक्ष संदीप कुमार यादव के नेतृत्व में इस संबंध में एक ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से भेजा गया है। इस ज्ञापन में कोरोना संक्रमण काल में वायु प्रदूषण बढ़ने की स्थिति ज्यादा नुकसानदेह होने की आशंका जतायी गई है। ज्ञापन देने वालों में अधिवक्ता अजीत यादव, गिरिश कुमार सिंह, सत्य नारायण यादव, सुभाष चंद्र यादव, सुदेश श्रीवास्तव, आनंद श्रीवास्तव, सुनील कुमार, सतीष व अन्य लोग शामिल थे।