लखनऊ के घनी आबादी वाले इलाकों तालकटोरा और लालबाग में चार दिन बाद भी हवा स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बनी हुई है। इसके बावजूद धूल को कम करने के लिए कवायद शुरू नहीं हो सकी है। जिम्मेदार विभाग और अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। जबकि नियमानुसार 48 घंटे तक हवा के खराब बने रहने पर आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
वहीं, गोमती नगर की हवा शुद्ध रहने के चलते राजधानी का औसत एक्यूआई सुधरा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के रिकॉर्ड के मुताबिक, तालकटोरा और लालबाग में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) लगातार बढ़ा हुआ मिल रहा है। रविवार को जहां तालकटोरा का एक्यूआई 252 था, वहीं शनिवार को एक्यूआई को 272 रिकॉर्ड किया गया।
इसी तरह लालबाग में रविवार को एक्यूआई 232 रिकॉर्ड हुआ। शनिवार को भी यहां एक्यूआई 260 था। चार दिन से इन इलाकों में हवा सेहत के लिए खराब बनी हुई है। वहीं, शहर की हवा का औसत एक्यूआई जरूर कम हुआ। शनिवार को जहां औसत एक्यूआई 250 था, वहीं शुक्रवार को यह 218 था। रविवार को यह कम होकर 192 हो गया। ऐसा गोमती नगर में एक्यूआई के 88 रहने की वजह से हुआ।