राजधानी का चौक सबसे ज्यादा प्रदूषित इलाका है। यह स्वच्छ पर्यावरण के लिए निर्धारित मानकों पर जरा भी खरा नहीं उतरता है।
यह खुलासा हुआ है आईआईटीआर (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च) की सर्वे रिपोर्ट में।
रिपोर्ट के मुताबिक चौक में प्रदूषण का स्तर भारत में निर्धारित मानकों से तीन गुने और विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक से सात गुना ज्यादा मिला है।
वहीं रिहाइशी इलाकों की कैटेगरी में सबसे ज्यादा जहरीली हवा गोमती नगर में मिली। मानसून के बाद प्रदूषण की स्थिति पर आईआईटीआर ने शुक्रवार को रिपोर्ट जारी की।
आईआईटीआर के निदेशक डॉ. केसी गुप्ता और आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. इंद्रनील मन्ना के मुताबिक अक्तूबर माह में सात अलग-अलग जगहों पर ध्वनि प्रदूषण और वायु प्रदूषण के आंकड़े लिए गए।
इनमें चौक की हवा सबसे ज्यादा जहरीली मिली। हवा में नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का स्तर भी सबसे ज्यादा मिला। यह मानक से काफी ज्यादा है।
आवासीय इलाकों में सबसे ज्यादा प्रदूषण अलीगंज में मिला। वहीं आवासीय इलाकों में दूसरे नंबर पर गोमती नगर रहा है। नेशनल एंबियंट एयर क्वालिटी स्टेंडर्ड (नैक्स) के मुताबिक यह स्तर 100 से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
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वाहनों की वजह से पैदा हो रहे नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का स्तर आवासीय इलाकों में इंदिरानगर में अधिकतम 70.4 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा।
यह नैक्स के अधिकतम स्तर के नजदीक और विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक 40 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक मी. से काफी ज्यादा है।
गोमती नगर में भी नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का अधिकतम स्तर 58.9 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक मी. पाया गया। हालांकि, कई इलाकों में यह विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक से ज्यादा है।