विकासनगर मार्ग से चारबाग जाने वाले रास्ते पर वाहनों की आवाजाही तेजी से बढ़ी
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लॉकडाउन में ढील मिलते ही लखनऊ में हवा की सेहत फिर बिगड़ने लगी है। लालबाग और औद्योगिक क्षेत्र तालकटोरा दोनों जगह प्रदूषण बढ़ गया है। केवल दो सप्ताह में यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) तीन से चार गुना तक बढ़ा हुआ मिल रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक 2 मई को लालबाग में एक्यूआई 60 रिकॉर्ड हुआ। वहीं 10 दिन में 12 मई को एक्यूआई 211 हो चुका है। यह तीन गुना से भी अधिक है। हवा की सेहत संतोषजनक कैटेगरी से खराब में पहुंच गई है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि सड़कों पर वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण ऐसा हो रहा है। अब शासन से निर्माण शुरू करने की भी अनुमति मिल गई है। ऐसे में ये आंकड़े और खराब होने की आशंका है।
सड़कों पर बढ़ी वाहनों की संख्या
बीबीएयू के पर्यावरण विभाग के प्रोफेसर वेंकटेश दत्ता का कहना है कि पुलिस भी उतनी सख्ती नहीं कर रही है। ऐसे में वाहनों की संख्या बढ़ गई है। प्रदूषण कम रखने के लिए वाहन या निर्माण हमेशा बंद तो नहीं रह सकते हैं, लेकिन इनको वायु प्रदूषण नहीं करने के लिए तो बाध्य किया ही जा सकता है। यूपीपीसीबी सख्ती से कार्रवाई तो करे।
सख्ती रही तो बेहतर रही हवा
लोकेशन 1 मई 2 मई 3 मई
गोमती नगर 96 57 68
लालबाग़ 78 60 65
तालकटोरा 68 65 72
अलीगंज 92 74 64
लखनऊ औसत 88 66 66
अब खराब हो रही हवा की सेहत
लोकेशन 14 मई 13 मई 12 मई 11 मई
गोमती नगर 78 72 58 53
लालबाग़ 126 191 211 174
तालकटोरा 120 175 146 60
अलीगंज 56 62 52 51
लखनऊ औसत 94 129 108 93
लॉकडाउन से पहले राजधानी की हवा
तारीख एक्यूआई
22 मार्च 118
21 मार्च 185
20 मार्च 235
19 मार्च 174
हवा को जानें
एक्यूआई हाल
50 तक अच्छी
51 से 100 संतोषजनक
101 से 200 सुधरी हुई
201 से 300 खराब
301 से 400 बहुत खराब
401 से अधिक खतरनाक