पांच दिन से ‘बहुत खराब’ बनी हुई लखनऊ की हवा अब ‘खतरनाक’ हो रही है। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बढ़कर 400 के नजदीक पहुंच गया है। शुक्रवार को तालकटोरा का एक्यूआई जहां 399 रिकॉर्ड किया गया, वहीं लालबाग में यह 392 दर्ज हुआ। वहीं, स्मॉग ने सांस लेना भी मुश्किल कर दिया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के मुताबिक लखनऊ की हवा तेजी से बिगड़ रही है। बुधवार को 326 रहा एक्यूआई 24 घंटे में ही 372 पर पहुंच गया। 48 घंटे बाद शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 382 रिकॉर्ड किया गया। वैज्ञानिकों का कहना है कि बहुत खराब बनी हुई राजधानी की हवा लंबे समय तक लोगों की सेहत खराब कर सकती है।
इसका असर सांस लेने में दिक्कत के अलावा त्वचा, आंख के रोगों के रूप में सामने आ सकता है। इससे बचने को जहां प्रदूषण कम किया जाना जरूरी है, वहीं लोगों को भी एक्यूआई बढ़े होने के समय घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
देखें- इस तरह बढ़ा वायु प्रदूषण
प्रतीकात्मक तस्वीर
लखनऊ की हवा हुई ‘लाल’
क्षेत्र एक्यूआई
तालकटोरा 399
अलीगंज 384
लालबाग 392
गोमतीनगर 346
इस तरह बढ़ा वायु प्रदूषण
तारीख एक्यूआई
27 अक्तूबर 186 पीला
28 अक्तूबर 305 लाल
29 अक्तूबर 314 लाल
30 अक्तूबर 326 लाल
31 अक्तूबर 352 लाल
1 नवंबर 382 लाल
नगर निगम ने शुरू किया पानी छिड़काव
महाराणा प्रताप मार्ग पर पेड़ों का छिड़काव करते नगर निगम के कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
जानें कैसी है हवा की सेहत
एक्यूआई रंग गुणवत्ता
50 से कम गहरा हरा अच्छी
51 से 100 हरा संतोषजनक
101 से 200 पीला सुधरी हुई
201 से 300 गहरा पीला खराब
301 से 400 लाल बहुत खराब
401 से अधिक गहरा लाल खतरनाक
शासन से फटकार के बाद शुक्रवार को नगर निगम ने सड़कों के अलावा पेड़ों पर पानी का छिड़काव शुरू करा दिया। हालांकि, इसके बाद भी वायु प्रदूषण कम करने में मदद नहीं मिली। अभी पानी का छिड़काव वीआईपी इलाकों में ही किया जा रहा है। इसकी जरूरत अभी प्रमुख सड़कों और निर्माण वाली साइटों के आसपास है।