पिछले 72 घंटों में लखनऊ की हवा पर प्रदूषण की तगड़ी मार पड़ी है। इससे यह खराब से बहुत खराब की श्रेणी में आ गई है। वहीं, वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300 पार हो गया है। सोमवार को भी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के रिकॉर्ड के मुताबिक यह 334 मिला। यह दर्शाता है कि लखनऊ की हवा बहुत खराब हो चुकी है।
सीपीसीबी के रिकॉर्ड के मुताबिक 24 अक्तूबर को एक्यूआई 264 था। रविवार को यह 314 हो गया। सोमवार को भी इसमें वृद्धि दिखी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वायु प्रदूषण कम करने के लिए उचित कदम नहीं उठाए गए, तो हवा की गुणवत्ता और खराब हो सकती है।
बताया कि धूल के कणों की वजह से पीएम 2.5 हवा में बढ़ने से एक्यूआई भी बढ़ा हुआ है। इसे कम करने के लिए यही उपाय है कि धूल को कम किया जाए। अभी तक तालकटोरा की हवा बहुत खराब थी। अब कई दिनों से गोमतीनगर की भी हवा बहुत खराब है। प्रदूषण कम करने में यूपीपीसीबी और नगर निगम फेल रहे हैं।