फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: एआई देगा अतीत के सवालों के जवाब

विज्ञापन
बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान में एक दिवसीय मंथन सत्र आयोजित किया गया।
विज्ञापन
लखनऊ। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से पृथ्वी के इतिहास, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संकट और भविष्य के पर्यावरणीय बदलावों को अधिक प्रभावी ढंग से समझने पर मंगलवार को बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान में एक दिवसीय मंथन सत्र आयोजित किया गया। गहन अतीत से गहन अधिगम तक विषय पर इस कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, एआई विशेषज्ञों, पर्यावरणविदों और शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने बताया कि मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों की सहायता से करोड़ों वर्ष पुराने जीवाश्मों, परागकणों और वनस्पति अवशेषों का तेजी और सटीकता के साथ विश्लेषण संभव हो रहा है। इससे डायनासोरों के विनाश, प्राचीन जलवायु परिवर्तन और मानव विकास से जुड़े रहस्यों को समझने में नई दिशा मिलेगी।
विज्ञापन


संस्थान के निदेशक प्रो. एमजी. ठक्कर ने कहा कि एआई तकनीक के उपयोग से जीवाश्म अध्ययन, जलवायु मॉडलिंग और विशाल वैज्ञानिक आंकड़ों के विश्लेषण में अभूतपूर्व गति और सटीकता आएगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव संजीव कुमार सिंह रहे। प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. अशोक साहनी ने एआई मॉडल्स के माध्यम से प्राचीन जलवायु और विलुप्ति संबंधी घटनाओं के अध्ययन पर व्याख्यान दिया।

बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान में एक दिवसीय मंथन सत्र आयोजित किया गया।

बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान में एक दिवसीय मंथन सत्र आयोजित किया गया।

बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान में एक दिवसीय मंथन सत्र आयोजित किया गया।

बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान में एक दिवसीय मंथन सत्र आयोजित किया गया।

बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान में एक दिवसीय मंथन सत्र आयोजित किया गया।

बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान में एक दिवसीय मंथन सत्र आयोजित किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें