नेशनल पीजी कॉलेज में सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक करते प्राधानाचार्य प्रोफेसर देवेंद्र कुमार
लखनऊ। नेशनल पीजी कॉलेज अब पढ़ाई को और आधुनिक व प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग शुरू करने जा रहा है। शुरुआत गणित और विज्ञान जैसे अहम विषयों से होगी। इस संबंध में कॉलेज की एकेडमिक काउंसिल की बैठक सोमवार को हुई, जिसमें सभी विभागाध्यक्षों ने एआई आधारित शिक्षण प्रणाली लागू करने पर अपने-अपने सुझाव रखे।
बैठक में अगले पांच वर्षों की शैक्षिक विकास योजना, नए भवन निर्माण और नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत नवाचारात्मक शिक्षण पद्धतियों को लागू करने पर भी चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता प्राचार्य देवेंद्र सिंह ने की। उन्होंने कहा कि कॉलेज में डिजिटल लर्निंग और आधुनिक तकनीक का प्रभाव जल्द दिखाई देगा।
मानवशास्त्र विभाग ने पाठ्यक्रम, शोध कार्य, सामाजिक अध्ययन और विद्यार्थियों के क्षेत्रीय शोध को एआई से जोड़ने की योजना प्रस्तुत की। वहीं राजनीति विज्ञान विभाग ने समसामयिक राजनीतिक परिप्रेक्ष्य को पाठ्यक्रम से जोड़ने पर जोर दिया। अर्थशास्त्र विभाग ने एआई के जरिए आर्थिक शोध, डाटा विश्लेषण और नीति आधारित अध्ययन को और मजबूत करने की बात कही।
डाटा एनालिसिस और रिसर्च को देगा बढ़ावा
कंप्यूटर विज्ञान विभाग एआई आधारित कोर्स, सूचना प्रौद्योगिकी और प्रोग्रामिंग कौशल को और उन्नत करेगा। गणित और सांख्यिकी विभाग एआई की मदद से डाटा विश्लेषण और रिसर्च को बढ़ावा देगा।