लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में सोमवार से सभी विभागों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की पढ़ाई शुरू हुई। इसके लिए विवि में विद्यार्थियों के लिए पहली बार एआई फॉर एवरीवन वैल्यू-एडेड कोर्स का आगाज हुआ। इसका उद्देश्य है कि उभरती डिजिटल तकनीकों के बीच विद्यार्थी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से परिचित होकर उसकी उपयोगिता को समझें।
इस कोर्स के लिए सोमवार तक 1105 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से सभी की उपस्थिति रही। यह कोर्स हर शैक्षणिक पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों की राह आसान करेगा। इससे स्नातक और परास्नातक में समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, इतिहास, भूगोल, विज्ञान, व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े पाठ्यक्रमों में पढ़ाई आसान हो जाएगी।
बीटेक विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कोर्स
विश्वविद्यालय में बीटेक सिविल इंजीनियरिंग व कंप्यूटर सांइस के विद्यार्थियों को सबसे अधिक एआई कोर्स वैल्यू एडेड के रूप में दिए गए हैं। इनमें मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, नेचरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, कंप्यूटर विजन और रोबोटिक्स शामिल है।
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एआई अब कंप्यूटर विज्ञान के विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है। पत्रकारिता, भाषा अध्ययन, प्रबंधन, सामाजिक विज्ञान, स्वास्थ्य, उद्योग और डिजिटल सेवाओं सहित लगभग हर क्षेत्र में इसका प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में सभी विद्यार्थियों के लिए यह बहुत जरूरी हो गया है।
- एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हेमंत कुमार सिंह, एआई कोर्स समन्वयक