लखनऊ। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आधारित चश्मा डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की पढ़ाई आसान करेगा। विद्यार्थियों को यह चश्मा मुफ्त दिया जाएगा। जरूरतमंद कर्मचारियों को भी यह चश्मा मिलेगा।
इस चश्मे को पहनने वाले विद्यार्थी व कर्मचारी आसानी से वस्तुओं और चेहरे की पहचान कर सकेंगे। इसके साथ ही पुस्तक, संकेतों और अभिलेखों को खुद पढ़ सकेंगे और अपने परिवेश में आत्मविश्वास के साथ संवाद स्थापित कर सकेंगे।
ऐसे काम करेगा चश्मा...
विश्वविद्यालय के प्रवक्ता यशवंत वीरोदय ने बताया कि एआई चश्मा एक स्मार्ट डिवाइस है, जो आंखों के सामने रखी छोटी-सी स्क्रीन की तरह काम करता है। इसमें कैमरा, माइक्रोफोन और सेंसर लगे होते हैं, जो आस-पास की चीजों को पहचानने के साथ तुरंत चश्मे के लेंस पर इसकी जानकारी दिखा देते हैं। यह चश्मा बोलकर भी काम करता है। साथ ही इसे वॉइस कमांड दे सकते हैं। इसमें टच सेंसर और इशारा पहचानने की सुविधा भी है, जिससे बिना बटन दबाए कई काम किए जा सकते हैं।
चश्मे की खासियत
यह चश्मा छोटी सी ईयर डिवाइस से जुड़कर उपयोग करने वाले को ऑडियो मेसेज भेजता है। जैसे अगर कोई विद्यार्थी इसे पहने है तो उसे किसी विषय की जानकारी सीधे उसके कान में सुनाई दे सकती है। इससे पढ़ाई और समझना दोनों आसान हो जाते हैं। प्रो. यशवंत ने बताया कि जिन विद्यार्थियों का पंजीकरण हुआ है, उन्हें मंगलवार को यह चश्मा दे दिया जाएगा। आगे भी जिन्हें जरूरत होगी, उन्हें यह चश्मा मिलेगा।