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Lucknow News: केजीएमयू में पढ़ाया जाएगा एआई का पाठ

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लखनऊ। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की उपयोगिता चिकित्सा क्षेत्र में भी बढ़ रही है। इसे देखते हुए अब केजीएमयू में मेडिकल छात्रों को इसकी पढ़ाई कराई जाएगी। केजीएमयू में बुधवार को कार्य परिषद में इस पर मुहर लगा दी गई।
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केजीएमयू की एकेडमिक काउंसिल ने न्यूरोलॉजी में प्रस्तावित डीएम पाठ्यक्रम में एआई की पढ़ाई कराने का प्रस्ताव पास किया है। इसके साथ ही फॉरेंसिक एंड टॉक्सिकोलॉजी विभाग में पीजी स्टूडेंट्स के सिलेबस में भी इसे शामिल किया गया है। पैथालॉजी विभाग में भी एआई को सिलेबस में शामिल कर लिया गया है। इन सभी प्रस्तावों को एकेडमिक काउंसिल से पास करने के बाद कार्य परिषद की मंजूरी मिल गई।



इन नए पाठ्यक्रमों को मंजूरी



डीएम न्यूरोलॉजी, डीएम पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया, डीएम आंको पैथालॉजी, डीएम हेपेटोलॉजी, एमसीएच थोरेसिक सर्जरी, एमसीएच वैस्कुलर सर्जरी।



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इन प्रस्तावों पर भी लगी मुहर



जनरल और प्राइवेट वार्ड में जांच शुल्क समान



केजीएमयू के प्राइवेट वार्ड में भर्ती मरीजों को अब जांच के लिए अतिरिक्त शुल्क का भुगतान नहीं करना होगा। अभी तक इन्हें जनरल वार्ड के मुकाबले अधिक शुल्क देना पड़ता था।
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40 शिक्षकों के प्रमोशन का रास्ता साफ



शिक्षकों के प्रमोशन का मुद्दा रखा गया। कार्य परिषद ने इसके प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद मंजूरी दे दी। इससे 40 शिक्षकों के प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया।



कॉन्फ्रेंस के लिए नर्स को साल में 14 दिन का अवकाश



केजीएमयू कॉन्फ्रेंस के लिए अपने नर्सिंग स्टाफ को भी पीजीआई की तर्ज पर अवकाश देगा। साल में दो बार अधिकतम 14 दिन की ड्यूटी लीव मिल सकेगी।



ऑनलाइन भुगतान को दी गई मंजूरी



कार्य परिषद ने काउंटरों पर ऑनलाइन भुगतान को मंजूरी दे दी है। अभी तक केजीएमयू में ज्यादातर काउंटरों पर सिर्फ नकद ही शुल्क जमा होता है।



न्यूरोलॉजी की ओपीडी में 250 मरीज की सीमा नहीं



कार्य परिषद ने न्यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी में देखे जाने वाले मरीजों की संख्या 250 तक सीमित करने का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। विभाग ने मरीजों की संख्या ज्यादा होने से सभी को पर्याप्त समय देने की बात कहते हुए सीमा तय करने की वकालत की थी। हालांकि, कार्य परिषद ने अंतिम मरीज तक ओपीडी चलाने की बात कहते हुए प्रस्ताव खारिज कर दिया।
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