यूपी के चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने शनिवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों की जमकर क्लास लगाई। शिवम की मौत के बावजूद खून चढ़ाने, मरीजों को बिना जरूरत केजीएमयू और संजय गांधी पीजीआई रेफर करने और एक बच्चे को इमरजेंसी में देखने न जाने के लिए डॉक्टरों को फटकारा।
कभी प्रदेश के नंबर वन रहे ब्लड बैंक की बिगड़ती हालत के लिए भी पैथोलॉजिस्ट डांटे गए। लगभग सवा घंटे की मीटिंग में उन्होंने डॉक्टरों को अस्पताल की व्यवस्था न सुधरने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट रहे लोहिया अस्पताल की दुर्व्यवस्था पर आखिरकार चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन की आंखें खुल ही गईं। शनिवार को प्रमुख सचिव अरविंद कुमार के साथ अस्पताल पहुंचे मंत्री ने चिकित्सकों को फटकार लगाई।
उन्होंने कहा कि उन्हें पुराना अस्पताल चाहिए। इस अस्पताल की लगातार साख गिरती जा रही है। सीनियर डॉक्टर इमरजेंसी ड्यूटी में सोते रहते हैं और जूनियर इलाज करते हैं। उन्होंने एक-एक डॉक्टर को खड़ा करके उनकी क्लास ली।