जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना अहमद बुखारी
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दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना अहमद बुखारी का कहना है कि अयोध्या मसले का हल अदालत के जरिये ही हो सकता है। उन्होंने बाबरी मस्जिद पर शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी के दावे को खारिज करते हुए कहा कि उनका फॉर्मूला सियासी व कानूनी दोनों एतवार से कोई अहमियत नहीं रखता। खुद शिया समुदाय ही इसका विरोध कर चुका है।
सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को जन्मदिन की बधाई देने के लिए मौलाना बुखारी बुधवार को लखनऊ पहुंचे थे। यहां एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि अयोध्या मसले पर 1986 से अब तक कई स्तर पर वार्ता हो चुकी है।
हर तरह के फॉर्मूले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन नतीजा नहीं निकला। सुप्रीम कोर्ट का फैसला ही अंतिम फैसला होगा, इसे सबको मानना होगा। तीन तलाक पर उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इसे इतना बिगाड़ चुका है कि इस मसले का सुधार भी अब उसे ही करना होगा।
योगी सरकार पूरे करे चुनावी वादे
मौलाना बुखारी ने यूपी की योगी सरकार से मुखातिब होते हुए कहा कि सबका साथ सबका विकास भेदभाव भरी सियासत से नहीं होगा। प्रदेश का विकास करने के लिए सरकार को चुनाव के दौरान अवाम से किए वादे पूरे करने होंगे।