पिपरहवा चौराहा (बलरामपुर)। किसानों के लिए गन्ने की खेती एक बेहतर नकदी फसल बन रही है। यह जानकारी शुगर मिल तुलसीपुर के अधिकारियों ने क्षेत्र के कई गांवों का भ्रमण कर किसानों को देते हुए आधुनिक तकनीकी के आधार पर गन्ने की पैदावार करने की सलाह दी।
शुगर कंपनी तुलसीपुर के इकाई प्रमुख योगेश कुमार सिंह, गन्ना महाप्रबंधक आरपी शाही, उप गन्ना प्रबंधक विजय कुमार शुक्ल व क्षेत्राधिकारी उदयभान ने ओड़ाझारकला, ठकुरापुर, विशुनपुर व बड़गौ आदि गांवों का भ्रमण किया। इस दौरान किसानों को गन्ने की खेती को बेहतर ढंग से तैयार करने के तौर तरीके बताए गए। काला चिट्टा दीमक व अन्य कीटनाशकों के प्रकोप से बचाने के लिए गन्ने की फसल में क्लोरो पाइरीफास 20 ईसी 1.2 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से 800 से 1000 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करने की सलाह दी गई। इससे फसल सुरक्षित बनी रहेगी। पत्तियों के सफेद होने को लौह तत्व की कमी का लक्षण बताया गया। इससे गन्ने की वृद्धि बंद हो जाती है। इस समस्या के निजात के लिए एक किलो फोरस सल्फेट व चार किलो यूरिया 200 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करना चाहिए।