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15 हजार करोड़ में पूरा होगा अखिलेश का ड्रीम प्रोजेक्ट

Wed, 29 Oct 2014 10:19 PM IST
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे बनाने का काम 22 नवंबर को शुरू हो जाएगा। इसके लिए यूपी एक्सप्रेस-वे इंडस्ट्रियल डवलपमेंट अथारिटी (यूपीडा) व निर्माणकर्ता कंपनियों के बीच बुधवार को एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। 302.2 किमी लंबे और 110 मीटर चौड़े इस एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य एग्रीमेंट की तिथि से तीन साल के भीतर पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है।
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इसका निर्माण इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर होगा। इस पर 11,526.73 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। हालांकि भूमि अधिग्रहण पर होने वाले खर्च को मिलाकर इस प्रोजेक्ट की लागत लगभग 15,000 करोड़ रुपये होगी।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट के लिए लगभग 75 फीसदी जमीन अधिग्रहीत की जा चुकी है। शेष के अधिग्रहण की कार्यवाही चल रही है। एक्सप्रेस-वे आगरा के ग्राम ऐतमादपुर मदरा से शुरू होकर फीरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, कानपुर नगर, उन्नाव, हरदोई होते हुए लखनऊ में मोहान रोड पर स्थित ग्राम सरोसा-भरोसा पर समाप्त होगा।
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इस पर टोल की वसूली राज्य सरकार करेगी। एक्सप्रेस वे बनने के बाद आगरा से लखनऊ की दूरी महज साढ़े तीन से चार घंटे में तय की जा सकेगी। जबकि मौजूदा समय में लगभग छह घंटे लगता है। एक्सप्रेस-वे के किनारे चार बड़ी मंडिया बनाया जाना भी प्रस्तावित है।
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22 नवंबर को शुरू होगा काम

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली परियोजनाओं में से एक आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए राज्य सरकार की ओर से यूपीडा के चेयरमैन नवनीत सहगल ने एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए। जबकि निर्माणकर्ता कंपनियों में पीएनसी इन्फ्राटेक की ओर से डी. श्रीवास्तव, एनसीसी लिमिटेड की ओर से सी प्रसाद, एफ्कॉन इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की ओर से अखिल गुप्ता और लार्सन एंड टूब्रो लिमिटेड की ओर से आरके बंसलने एग्रीमेंट पर दस्तखत किए।

इसके बाद सहगल ने बताया कि 22 नवंबर को एक साथ पांच स्थानों से निर्माण शुरू होगा। कन्नौज से इटावा तक 57 किलोमीटर के पैकेज के निर्माण का कार्य मुख्यमंत्री के हाथों से शुरू कराए जाने की संभावना है।

काम में न पड़े बाधा, इसलिए विशेष मुहूर्त में एग्रीमेंट
एक्सप्रेस-वे के निर्माण में किसी तरह की बाधा न खड़ी हो इसके मद्देनजर बाकायदा मुहूर्त निकलवाकर निर्माणकर्ता कंपनियों के साथ एग्रीमेंट पर दस्तखत किए गए। मुख्य सचिव के कार्यालय में एग्रीमेंट के लिए दोपहर 1-1.30 बजे का वक्त तय था। अधिकारी और कंपनियों के प्रतिनिधि तय समय पर पहुंच गए थे।

करीब 1.25 बजे मुख्य सचिव आलोक रंजन व नवनीत सहगल आए। बताया गया कि 1.30 बजे का मुहूर्त निकला है। लिहाजा अफसरों को इंतजार करना पड़ा। ठीक 1.30 बजे एग्रीमेंट पर दस्तखत की कार्यवाही शुरू हुई।

जल्दी निर्माण पर बोनस, देरी पर पेनल्टी

एक्सप्रेस-वे का निर्माण जल्द पूरा कराने के लिए निर्माणकर्ताओं को बोनस का प्रावधान किया गया है। तय समय से पहले काम पूरा कराए जाने पर कुल लागत का 0.4 प्रतिशत बोनस दिया जाएगा। जबकि देरी पर 0.5 फीसदी पेनल्टी लगाई जाएगी।

देश की सबसे बड़ी एक्सप्रेस-वे परियोजना
यूपीडा के चेयरमैन नवनीत सहगल ने दावा किया कि यह देश की सबसे बड़ी एक्सप्रेस-वे परियोजना है। यह छह लेन डिवाइडेड कैरिजवे होगा।

इस पर पैदल चलने वालों और जानवरों के लिए अंडरपास बनाए जाएंगे। साथ ही सर्विस लेन व ग्रीन बेल्ट बनाने का भी प्रावधान किया गया है।
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पांच पैकेजों में बनेगा एक्सप्रेस-वे

पैकेज-1 आगरा से फिरोजाबाद, दूरी - 56.134 किमी.
निर्माण एजेंसी - पीएनसी इन्फ्राटेक लि., लागत- 1,635.75 करोड़ रुपये

पैकेज-2 फिरोजाबाद से इटावा, दूरी- 62 किमी.
निर्माण एजेंसी- एफ्कॉन इन्फ्रास्ट्रक्चर लि., लागत- 1,990.49 करोड़ रुपये

पैकेज-3 इटावा से कन्नौज, दूरी - 57 किमी.
निर्माण एजेंसी- एनसीसी लि., लागत- 1,674.81 करोड़ रुपये

पैकेज संख्या-4 कन्नौज से उन्नाव, दूरी- 64 किमी.
निर्माण एजेंसी - एफ्कॉन इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. लागत- 2,124.17 करोड़ रुपये

पैकेज-5 उन्नाव से लखनऊ, दूरी - 63.088 किमी.
निर्माण एजेंसी- लार्सन एंड टूब्रो लि., लागत- 1,630 करोड़ रुपये
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