मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे बनाने के लिए एजेंसियां तय कर ली गईं। पांच अलग-अगल पैकेजों में चार कंपनियां इस एक्सप्रेस वे को बनाएंगी। बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट में लगभग 10 हजार करोड़ की लागत आएगी।
बुधवार को बिड मूल्यांकन समिति की बैठक में विभिन्न निर्माण कंपनियों की ओर से डाली गई पैकेजवार बिड खोली गई। बैठक में बिड का मूल्यांकन कर एक्सप्रेस वे के पांच पैकेज का काम विभिन्न निर्माण एजेंसियों को देने का फैसला हुआ।
यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नवनीत सहगल ने बताया कि बिड प्रक्रिया में पीएनसी इंफ्राटेक, एफकॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर, नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी, एलएंडटी, जेपी एसोसिएट्स के साथ भारत सरकार की इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
इस तरह लिया गया फैसला
इरकॉन इंटरनेशनल की बिड देर से मिली थी लेकिन समिति ने इस संस्था की बिड को भी खोलने का निर्णय किया। बिड मूल्यांकन के बाद न्यूनतम दर के आधार पर चार कंपनियों को अलग-अलग पैकेज का काम देने का फैसला हुआ।
कंपनी और निर्माण का दायरा
पैकेज का नाम--दूरी (किमी में)--कंपनी
आगरा-फीरोजाबाद--55.5--पीएनसी इंफ्राटेक
फीरोजाबाद-इटावा--62.0--एफ कॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर
इटावा-कन्नौज--57.0--नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी
कन्नौज-उन्नाव--64.0--एफ कॉन्स इंफ्र ास्ट्रक्चर
उन्नाव-लखनऊ--63--एलएंडटी
सिर्फ चार घंटे की होगी लखनऊ-आगरा की दूरी
सहगल ने बताया कि 301 किमी लंबे एक्सप्रेस वे का निर्माण 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से होगा। इसके बनने से आगरा व लखनऊ के बीच की दूरी सिर्फ चार घंटे में तय की जा सकेगी।
वहीं दिल्ली तक पहुंचने में भी समय की काफ ी बचत होगी। इसके साथ ही कृषि व अन्य व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
यह एक्सप्रेस वे आगरा रिंग रोड से शुरू होकर लखनऊ के मोहान रोड पर खत्म होगा।