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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से उड़ान भरेंगे फाइटर प्लेन

Tue, 12 May 2015 01:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर वाहनों के फर्राटा भरने के साथ ही जरूरत पड़ने पर वायुसेना के लड़ाकू विमान भी उड़ान भर सकेंगे। 302 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे पर एयरफोर्स टेक ऑफ व लैंडिंग के लिए स्थान चिह्नित करेगी।
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यूपी एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डवलपमेंट अथॉरिटी इसके लिए डिजाइन में संशोधन करेगी। एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ मुख्यालय सेंट्रल एयर कमांड एयर मार्शल केएस गिल ने सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात कर इस योजना पर विस्तार से चर्चा की। राज्य सरकार की ओर से एयरफोर्स के इस प्रस्ताव पर सहयोग का भरोसा दिलाया गया।

एक्सप्रेस-वे पर फाइटर प्लेन टेक ऑफ और लैंड कराने का प्रस्ताव एयरफोर्स की तरफ से रखा गया है। इसके पीछे मकसद यह है कि आपात स्थिति में एक्सप्रेस-वे को हवाई पट्टी की तरह इस्तेमाल किया जा सके। देश में यह पहला एक्सप्रेस-वे होगा। जिसमें ऐसी व्यवस्था होगी।
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मुख्यमंत्री ने कहा, 'जल्द दें सुझाव'

बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने एयर मार्शल केएस गिल से कहा कि एक्सप्रेस-वे पर फाइटर प्लेन की उड़ान के लिए स्थानों को चिह्नित करके यूपीडा को जल्द से जल्द विस्तृत प्रस्ताव दे दिया जाए ताकि उसी के अनुसार एक्सप्रेस-वे के डिजाइन में संशोधन करके इसकी व्यवस्था कराई जा सके।

यूपीडा के सीईओ नवनीत सहगल ने बताया कि एयर मार्शल के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने इसके लिए सहमति दे दी है। अब एयरफोर्स के अधिकारी बताएंगे कि कहां-कहां वे लड़ाकू विमानों की लैंडिंग या टेक ऑफ कराना चाहते हैं। इसके बाद यूपीडा डिजाइन आदि में बदलाव करके इसकी व्यवस्था कराएगा।

फोल्डेबल डिवाइडर बनाए जाएंगे
एक्सप्रेस-वे को हवाई पट्टी के रूप में इस्तेमाल करने के लिए फोल्डेबल डिवाइडर बनाए जाएंगे। जब एक्सप्रेस-वे पर विमान की लैंडिंग या टेक ऑफ कराना होगा तो तब ये डिवाइडर हट जाएंगे और सड़क समतल हो जाएगी।

इस तरह से एक्सप्रेस-वे के दोनों हिस्सों का इस्तेमाल हवाई पट्टी के रूप में किया जा सकेगा। विमान के चले जाने के बाद फिर डिवाइडर पहले की स्थिति में आ जाएंगे।
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इमरजेंसी ऑपरेशन में सहयोग करेंगे

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान एयर मार्शल गिल ने कहा कि अगर राज्य सरकार को आपात स्थिति में कहीं ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है तो एयरफोर्स सहायता करने को तैयार है।

वहीं, राज्य सरकार द्वारा गठित की जाने वाली स्टेट डिजास्टर रिलीफ फोर्स (एसडीआरएफ) को भारतीय वायुसेना प्रशिक्षण देगी। आपदा की स्थिति में एयर फोर्स राज्य सरकार के साथ तालमेल करते हुए पूरी मदद करेगी।

ड्यूटी के दौरान जवानों की मौत पर 20 लाख की मदद
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एयर मार्शल से मुलाकात के दौरान कहा कि प्रदेश में तैनात दूसरे राज्यों के सेना, केंद्रीय या अन्य अर्धसैनिक बलों के जवानों की ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर सरकार ने उनके आश्रितों को 20 लाख रुपये की सहायता देने का निर्णय किया है।

सरकार शहीदों का सम्मान करती है और संकट की घड़ी में उनके परिवार की हरसंभव मदद करने को तत्पर है।
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