यूपी में आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे अब एक-दूसरे से सीधे जुड़ने की ओर बढ़ रहे हैं। दोनों एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले करीब 51 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे के लिए लखनऊ में 70 फीसदी भूमि खरीद का काम पूरा हो चुका है। करीब छह हजार किसानों से भूमि ली जानी है।
जुलाई 2025 में घोषित इस लिंक एक्सप्रेसवे का उद्देश्य आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ना है। परियोजना के लिए लखनऊ के 42 गांवों के 6000 हजार से अधिक किसानों की भूमि ली जा रही है। जनवरी 2026 में प्रशासन ने जब किसानों से भूमि की खरीद का प्रयास किया तो शुरू लगभग सभी गांवों के किसानों ने विरोध किया।
इसके बाद प्रशासन ने थोड़ी सख्ती जरूर दिखाई, लेकिन अधिक जोर किसानों से सीधे संवाद और आपसी सहमति पर रहा। इसका परिणाम है कि अब तक करीब 70 फीसदी भूमि का क्रय किया जा चुका है। शेष भूमि के लिए प्रशासन किसानों से लगातार संपर्क कर रहा है।
नया लिंक बनने से बाहरी वाहनों को शहर के भीतर आने की जरूरत कम होगी और यातायात को सीधा वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। इसका फायदा केवल यात्रियों को ही नहीं, बल्कि मालवाहक वाहनों को भी मिलेगा। आगरा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर से आने वाला माल पूर्वांचल के जिलों तक अधिक सुगमता से पहुंच सकेगा। समय और ईंधन की बचत के साथ दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।