मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट आगरा एक्सप्रेस-वे में अधिग्रहीत जमीन का निबंधन प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बन गया है। चिह्नित पांच गांव के अधिकांश काश्तकार सरकार के घोषित मुआवजा राशि हाथ में आने के बाद ही अधिग्रहीत जमीन की निबंधन प्रक्रिया पूरी कराने पर अड़े हैं।
इसके चलते ही काकोरी ब्लॉक के आधा दर्जन से अधिक गांवों में एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहीत करीब 28.62 हेक्टेयर जमीन का निबंधन अटका पड़ा है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट आगरा एक्सप्रेस-वे के लिए काकोरी ब्लॉक के 13 गांवों की जमीन चिह्नित की गई थी।
चिह्नित गांवों में से आठ गांवों के एलडीए परिक्षेत्र में चिह्नित होने के कारण वहां के काश्तकारों को इसके लिए प्रति बीघा 50 लाख रुपया मुआवजा राशि दी गई। वहीं इससे सटे पांच गांवों के एलडीए के क्षेत्र से बाहर होने के कारण मुआवजा राशि 16 लाख प्रति बीघा तय हुई थी।