एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार
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अग्निपथ के विरोध में हो रहे बवाल को देखते हुए पुलिस महकमे ने सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ा दी है। केवल जून में ही आपत्तिजनक व भड़काऊ पोस्ट करने और अफवाह फैलाने वाले एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। एडीजी कानून-व्यवस्था ने बताया कि ऐसे मामलों में आठ जिलों हरदोई, बहराइच, बिजनौर, सुल्तानपुर, कुशीनगर, कानपुर, बाराबंकी और बलिया में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक व ट्विटर से तीन दर्जन से अधिक ऐसे खातों की जानकारी मांगी गई है जो आपत्तिजनक पोस्ट से संबंधित हैं। बड़ी संख्या में ऐसे पोस्ट हटवाए गए हैं। भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी दी गई है। मुख्यालय स्तर के अलावा सभी जिला, रेंज व जोन मुख्यालय पर भी सोशल मीडिया की निगरानी की जा रही है। किसी भी ऐसी पोस्ट पर कार्रवाई की जा रही है जो कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बने या प्रदेश का माहौल खराब करे।
सैनिक कल्याण बोर्ड और पूर्व सैनिकों की ली जा रही मदद
अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर अग्निपथ योजना को लेकर प्रदर्शनकारी प्रतियोगी छात्रों में फैले भ्रम को दूर करने के लिए सैनिक कल्याण बोर्ड और पूर्व सैनिकों की मदद ली जा रही है। इनके द्वारा योजना की सही और विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा कोचिंग संचालकों को सूचीबद्ध करते हुए उनके माध्यम से भी समझाया जा रहा है। भ्रामक जानकारी देने वाले कोचिंग संचालकों की निगरानी और उनके संलिप्त पाए जाने पर गिरफ्तारी के आदेश दिए गए हैं। ऐसे केंद्रों की पहचान की गई है, जहां छात्र रहते हैं और भर्ती केंद्र हैं। उन्हें पुलिस इस योजना का महत्व समझा रही है। प्रशांत कुमार ने कहा कि यूपी सरकार और पुलिस को यकीन है कि अग्निवीर योजना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अहम है तथा इससे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।