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यूपी: पकड़े गए आईएसआई एजेंटों का कराया गया सामना, खुले कई राज

Mon, 08 May 2017 04:19 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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आईएसआई एजेंट आफताब - फोटो : amar ujala
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मुंबई से पकड़ा गया जावेद दस साल से आईएसआई एजेंट के संपर्क में था और सुरक्षा एजेंसियों को इसकी भनक तक नहीं थी। मुंबई से लखनऊ लाए गए जावेद और अल्ताफ का सामना फैजाबाद से गिरफ्तार किए गए आफताब से कराया गया।
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आफताब ने दोनों को ही पहचानने से मना कर दिया। वहीं जावेद ने बताया कि आफताब के खाते में पैसा जमा करने के लिए कराची से मैसेज आया था। उसने यह भी कहा कि वह पिछले 10 साल से आईएसआई के संपर्क में था। 2007 में कराची से मुंबई आए इकबाल से उसकी मुलाकात हुई।

तभी से वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के संपर्क में था। 2011 में इकबाल जब दोबारा कराची से मुंबई आया तो उसने जावेद को दानिश के बारे में बताया और कहा कि यह हमारा आदमी है। 
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जावेद ने बताया कि दानिश के ही कहने पर उसने अल्ताफ से कह कर आफताब के खाते में 15 हजार रुपये जमा कराए थे। अल्ताफ जावेद के यहां नौकरी करता है। एटीएस यह भी पता करने की कोशिश कर रही है कि दानिश ने और किस- किस के खाते में पैसे जमा कराए।

जावेद का कहना है कि उसने बहुत से लोगों के खाते में पैसे जमा कराए लेकिन दानिश के कहने पर किन लोगों के  खाते में पैसे जमा कराए, इस बारे में वह अभी कुछ नहीं बता रहा है। 
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जासूसी के बदले मिला था लैपटॉप

डेमो
फैजाबाद से गिरफ्तार आफताब ने बताया कि वह जब पहली बार पाकिस्तान गया तो वहां उसे ई-मेल करने की ट्रेनिंग दी गई। वहीं उसका ई- मेल अकाउंट बनाया गया।

उसे लैपटॉप खरीदने के लिए भारतीय मुद्रा में पांच हजार रुपये और 400 अमेरिकी डालर दिए गए। भारत आने पर उसने डालर को रुपये में बदलवाया। एटीएस ने आफताब का वह लैपटॉप अपने कब्जे में ले लिया है।

डाटा रिकवर कराने के लिए इसे लैब भेजा जा रहा है। वहीं, अल्ताफ और जावेद को सोमवार को अदालत में पेश करके रिमांड पर लेने के  लिए आवेदन किया जाएगा।
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