केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानून के विरोध में चल रहा किसान आंदोलन बढ़ता ही जा रहा है। दिल्ली में किसानों और सरकार के बीच आठवें दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद किसान आंदोलन तेज होने की आशंका है। किसानों की चेतावनी के बाद अब प्रदेश में भी खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई है।
किसानों द्वारा छह जनवरी को प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली को देखते हुए भी सतर्कता बरती जा रही है। ऐसे किसानों को चिन्हित किया जा रहा है जिनके पास ट्रैक्टर हैं। इन ट्रैक्टरों का इस्तेमाल आंदोलन में न होने पाए इसे लेकर निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
संवेदनशीलता को देखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश खासकर मेरठ और बरेली जोन के जिलों में भी अतिरिक्त सावधानी और सतर्कता बरती जा रही है। 17 जिलों में डीआईजी या उससे ऊपर के अधिकारियों को भेजने के बाद ऐसे किसानों पर निगाह रखी जा रही है जो आंदोलन को लेकर मुखर हैं। ऐसे में उन संगठनों पर भी नजर है जो इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं।