राजकीय विद्यालयों में एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती की उम्र सीमा अब 40 साल
होगी।
नियमावली में संशोधन का यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेज दिया गया है
और शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस पर मुहर लगने की उम्मीद है।
अभी तक एलटी ग्रेड शिक्षक के लिए अधिकतम उम्र सीमा 35 वर्ष है।
नियमावली
में दूसरा संशोधन परास्नातक के वेटेज को लेकर किया जाना है। इस वेटेज को
खत्म करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में निर्णय होगा।
लोकसभा चुनाव की
आचार संहिता लागू होने से पहले कैबिनेट में ये दोनों संशोधन करके सरकार
जल्द से जल्द भर्तियों का रास्ता खोलना चाहती है। राजकीय विद्यालयों में
एलटी ग्रेड के करीब 18 हजार पद लंबे समय से खाली हैं।
वर्ष
2012 में आखिरी बार 1425 राजकीय शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई
थी, लेकिन काउंसलिंग होने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया रुक गई थी। दरअसल कुछ
अभ्यर्थी परास्नातक के वेटेज के खिलाफ कोर्ट चले गए थे।
उनका तर्क था कि
एलटी ग्रेड के लिए शैक्षिक योग्यता स्नातक है। कुछ अभ्यर्थी ऐसे विषय से
पीजी करते हैं जो स्नातक में उनके पास नहीं था।
इसका लाभ छात्रों को नहीं
मिलता। वर्ष 2012 की यह नियुक्ति प्रक्रिया तो अभी कुछ माह पहले फिर शुरू
हो गई। इसमें समाधान यह निकाला गया कि जिनका स्नातक के ही किसी विषय में से
पीजी हो तो वेटेज दिया जाए। उनको नियुक्ति पत्र जारी करने के आदेश हो गए
थे।
नई नियुक्तियों के लिए नियमावली में
संशोधन की जरूरत थी। संशोधन का यह प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसमें
एलटी ग्रेड से परास्नातक वेटेज को पूरी तरह हटाया जाना है।
इसके साथ ही
नियमावली में आवेदन करने वालों की उम्र सीमा 35 से 40 वर्ष करने की भी
तैयारी है।
अधिकारियों का कहना है कि सरकार भी चाहती है कि चुनाव से पहले
भारी संख्या में रुकी भर्तियों का तोहफा युवाओं को दिया जा सके। संशोधन
होते ही जल्द से जल्द विज्ञापन जारी करकेभर्तियां शुरू करने की भी तैयारी
की जा रही है।