एक नियमित चालक और संविदा कंडक्टर के खिलाफ हुई कार्रवाई के विरोध में हुई हड़ताल का मामला बृहस्पतिवार को भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।
परिवहन निगम के साथ कई दौर की वार्ता के बाद बुधवार रात हड़ताल वापस लेने की घोषणा करने वाले कर्मचारी संगठन अब एक नए मामले को लेकर हड़ताल पर चले गए।
परिवहन निगम और कर्मचारियों के बीच हुई इस तनातनी के कारण सैकड़ों यात्री परेशान हुए। इस बार एक पुराने मामले में कर्मचारी नेता को बर्खास्तगी की नोटिस मिलने पर अवध डिपो में हड़ताल शुरू हो गई।
परिवहन निगम ने बुधवार देर रात चार संविदा और चार नियमित कर्मचारियों को बर्खास्त करने के आदेश को वापस ले लिया था।
इसके बाद कर्मचारियों ने लखनऊ डिवीजन में घोषित हड़ताल को भी वापस ले लिया था। बृहस्पतिवार सुबह अवध डिपो पहुंचे कर्मचारियों को परिवहन निगम संविदा/नियमित कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के संयोजक व नियमित कंडक्टर जसवंत सिंह की बर्खास्तगी की खबर मिली।
जसवंत को तत्कालीन एआरएम बच्चूलाल के साथ मारपीट व अभद्रता के मामले में सेवा समाप्त का नोटिस भेजा गया है। इससे भड़के कर्मचारी आरएम नीरज सक्सेना के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
इसके बाद अवध डिपो के सभी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इसकी वजह से गोरखपुर, गोंडा,बलरामपुर और बहराइच सहित कई जिलों की ओर जाने वाली बसों का संचालन ठप हो गया।
यात्रियों को डिपो के बाहर से ही लौटा दिया गया। इसके बाद यात्रियों ने कैसरबाग बस अड्डे का रुख किया। इसके चलते यहां बसों में सीट के लिए धक्कामुक्की मच गई।
परिवहन निगम ने यात्रियों की दिक्कत देखते हुए दो दर्जन से अधिक अतिरिक्त बसों को चलवाया। उधर, देर शाम तक परिवहन निगम और कर्मचारी यूनियनों के बीच वार्ता चल रही थी।