लखनऊ। स्वास्थ्य विभाग डाल-डाल तो अवैध अस्पताल संचालक पात-पात। राजधानी में हालात कुछ ऐसे ही हैं। अवैध अस्पताल पर रोक लगते ही संचालक उसी भवन में दूसरे नाम से पंजीकरण कराकर अस्पताल शुरू कर देते हैं। वहीं, अफसर जुर्माना लगाने के बजाय अस्पतालों का पंजीकरण कर रहे हैं।
ठाकुरगंज के बालागंज में बेसमेंट में चल रहे स्टार अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीन माह पहले छापा मारा था। पंजीकरण न मिलने पर अस्पताल के संचालन पर रोक लगाई थी। हालांकि, जुर्माना तक नहीं लगाया गया।
कुछ दिन बाद उसी बेसमेंट में स्टार की जगह इंडिया हॉस्पिटल का बोर्ड टंग गया। इसका पंजीकरण उस पते पर नहीं है। शिकायत हुई तो अस्पताल संचालक ने बोर्ड हटा दिया। अब बिना नाम के ही अस्पताल अवैध तरीके से चल रहा है।
आरोप है कि सीएमओ ऑफिस के अफसरों की सांठगांठ से खेल चल रहा है। अस्पताल संचालक ने पंजीकरण के लिए नए सिरे से आवेदन भी कर रखा है। विभाग के जरिये अस्पताल को वैध करने की तैयारी है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह के मुताबिक अवैध अस्पताल के संचालन पर रोक लगाई जाएगी।