लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में रविवार को चौथे दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। मेधावी छात्र-छात्राओं ने डिग्री व मेडल पाकर न्याय का साथ देने की शपथ ली। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत ने की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कुलपति प्रो. अमर पाल सिंह ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। कुलपति ने मेधावियों को सलाह दी, अर्थ-वती विद्या की जगह मूल्य-वती विद्या को तरजीह दें।
मौके पर बीए-एलएलबी ऑनर्स, एलएलएम वन इयर, पीजीडीसीएल, पीजीडीआईपीआर पाठ्यक्रमों के मेधावियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य सहित कुल 21 पदक दिए गए। इनमें पांच गोल्ड, पांच सिल्वर और पांच ब्रॉंज मेडल रहे। छह स्पांसर मेडल से भी मेधावियों को सम्मानित किया गया। समारोह में कुल 309 छात्रों को उपाधि दी गई। इनमें पीएचडी के 24, एलएलबी के 176, एलएलएम के 51, पीजी डिप्लोमा के 58 विद्यार्थी शामिल रहे।
इसमें बीए एलएलबी की दर्शिका पांडेय को तीन पदक मिले। इसमें संवैधानिक विधि में सर्वोच्च अंक पाने के लिए स्व. पद्मावती मोहनलाल जरीवाला स्वर्ण पदक, स्टूडेंट ऑफ द ईयर के लिए वीरेंद्र भाटिया स्वर्ण पदक और बीए एलएलबी में कांस्य पदक है। बीए-एलएलबी ऑनर्स के छात्र अभ्युदय प्रताप को दो स्वर्ण पदक मिले। इसमें बीए एलएलबी (ऑनर्स) में स्वर्ण पदक और केके लूथरा मेमोरियल स्वर्ण पदक है। इसी तरह से एलएलएम प्रथम वर्ष की छात्रा हार्षिता यादव को स्वर्ण, पीजी डिप्लोमा इन इंटेलैक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स में आत्रेय त्रिपाठी को स्वर्ण, पीजी डिप्लोमा इन साइबर लॉ में अमन कुमार को स्वर्ण, पीजी डिप्लोमा इन मेडिकल लॉ एंड एथिक्स में राघव त्रिपाठी को स्वर्ण पदक दिया गया।
कुछ केस आपको सोचने पर मजबूर करेंगे कि आप किस स्तर के वकील हैं : सूर्यकांत
जस्टिस सूर्यकांत ने मेधावियों से कहा कि अपने काम के दौरान खुद से पूछे गए सवाल बेहद अहम होंगे। जैसे क्या मैंने तैयारी ठीक की थी? क्या बहस ठीक से की थी? 15 साल की प्रैक्टिस के बाद आप ये सवाल खुद से पूछेंगे कि क्या मेरे केस में आने वाला जजमेंट आगे के 100 केस को हल करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि याद रखें, कि हर क्लाइंट आपके पास केस लेकर आता है, पर कुछ केस आपको यह सोचने पर मजबूर करेंगे कि आप किस स्तर के वकील हैं।
मेरे कहने से तैयार हुआ ऑडिटोरियम : जस्टिस विक्रमनाथ
इस मौके पर जस्टिस विक्रमनाथ ने कहा कि जब मुझे वर्ष 2023 में यहां का विजिटर बनाया गया, तब ये ऑडिटोरियम नहीं था। मेरे कहने से ये विश्वविद्यालय को मिला। सबसे अच्छा रहा कि 2200 सीट का बेहतरीन ऑडिटोरियम तैयार है। पिछले वर्ष के समारोह में फ्लाइट लेट होने के कारण नहीं आ पाया था।
इन्हें मिला पदक
बीए एलएलबी (ऑनर्स)
अभ्युदय प्रताप को स्वर्ण पदक।
सैमा खान को रजत पदक।
दर्शिका पांडेय को कांस्य।
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एलएमएम (प्रथम वर्ष)
हर्षिता यादव को स्वर्ण पदक।
आकृति श्रीवास्तव को रजत पदक।
ऋषभ मानिक को कांस्य पदक।
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पीजी डिप्लोमा इन इंटेलैक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स
आत्रेय त्रिपाठी को स्वर्ण पदक।
अक्षिता सिंह को रजत पदक।
श्रिया अवस्थी को कांस्य पदक।
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पीजी डिप्लोमा इन साइबर लॉ
अमन कुमार को स्वर्ण पदक।
संयुक्ता सिंह को रजत पदक।
प्रांजल पांडेय को कांस्य पदक।
विशेष स्मृति स्वर्ण पदक
प्रदीप कुमार अग्रवाल को स्मृति स्वर्ण पदक।
मुस्कान शुक्ला को न्यायमूर्ति ओपी प्रधान स्मृति स्वर्ण पदक।
दर्शिका पांडेय को स्व. पद्मावती मोहनलाल जरीवाला स्वर्ण पदक।
दर्शिका पांडेय को वीरेन्द्र भाटिया स्वर्ण पदक।