लखनऊ। मोहनलालगंज के दाऊदपुर मोड़ के बाद मंगलवार रात साइकिल सवार निजी कंपनी के कर्मचारी से बाइक सवार तीन बदमाशों ने मोबाइल व एक हजार रुपये छीन लिए। पीड़ित के शोर मचाने पर उधर से गुजर रहे प्रधान की सक्रियता से ग्रामीणों ने घेराबंदी कर दो बदमाशों को दबोचकर पिटाई के बाद पुलिस को सौंप दिया। एक बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
मोहनलालगंज के सुल्सामऊ मजरा मनोहरापुर निवासी देवेंद्र ने बताया कि वह फत्तेखेड़ा गांव में स्थित सूर्या नील कंपनी में नौकरी करता है। मंगलवार रात कंपनी से छुट्टी होने के बाद वह साइकिल से घर जा रहा था। साढे़ सात बजे के करीब वह दाऊदनगर मोड़ के पास पहुंचा ही था कि अचानक एक बाइक से आए तीन बदमाशों ने जबरन रोककर पिटाई के साथ जेब में पड़ा मोबाइल व पर्स जिसमें एक हजार रुपये व आधार कार्ड थे, छीनकर भाग निकले। शोर मचाने पर उधर से गुजर रहे प्रधान ने अपनी बाइक रोकी तो उसने आपबीती बताई जिसके बाद प्रधान ने सक्रियता दिखाते हुए ग्रामीणों को फोन किया तो लोगों ने घेराबंदी कर बाइक सवार दो बदमाशों को दबोचा लिया जबकि उनका एक साथी मोबाइल लेकर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। सूचना के बाद पुलिस पहुंची तो ग्रामीणों ने बदमाशों को उनकी बाइक समेत सौंप दिया।
इंस्पेक्टर ने बताया कि बदमाशो ने अपना नाम अजय कुमार निवासी छब्बाखेड़ा थाना असोहा उन्नाव व चमन लोधी निवासी बगंला बाजार निकट पानी की टंकी थाना आशियाना, लखनऊ बताया है। वहीं तीसरे साथी का नाम जय निवासी भरसवा, मोहनलालगंज बताया। बदमाशो के पास से लूट में प्रयुक्त बाइक व पर्स बरामद हुआ है। प्रभारी निरीक्षक औरंगजेब खान ने बताया कि केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
कमिश्नर की फटकार पर दर्ज हुई लूट
पीड़ित के परिवारीजनों का आरोप है कि घटना के बाद साढे़ आठ बजे के करीब पुलिस से लूट के मामले की लिखित शिकायत की गई लेकिन उन्हें देर रात दो बजे तक पहले चौकी में ही बैठाए रखा गया और फिर घर भेज दिया गया। बुधवार सुबह जब वो कोतवाली पहुंचे तो पुलिस सुलह का दबाव बनाने लगी। पीड़ित ने सोशल मीडिया पर मदद की गुहार लगाई जिसका संज्ञान लेकर पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने मोहनलालगंज पुलिस को फटकार लगाई। तब जाकर 21 घंटे बाद लूट की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया।