जांच में खुलासा हुआ कि पूजा गौतम का अपने ही परिवार के भतीजे से अवैध संबंध था जिसकी जानकारी पति हनुमंतलाल को हो गई थी। इसके चलते दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। इसी बात से परेशान पूजा ने पति से छुटकारा पाने की योजना बना डाली।
लखनऊ में पूजा की मुलाकात ई-रिक्शा चालक कमलेश पुत्र मूलचंद्र से हुई। पूजा ने कमलेश को एक लाख रुपये में अपने पति की हत्या करने का प्रस्ताव दिया, जिसे उसने स्वीकार कर लिया।
13 अक्टूबर की रात पूजा अपने पति और बेटे के साथ देवा मेला गई। लौटते समय उसने कमलेश का ई-रिक्शा बुक किया। ताहीरपुर मोड़ के पास कमलेश और पूजा ने मिलकर हनुमंतलाल के सिर पर लोहे की सरिया से वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने शव सड़क किनारे फेंक दिया और कहानी गढ़ दी कि यह एक सड़क दुर्घटना है।
घुंघटेर पुलिस, स्वॉट और सर्विलांस टीम की संयुक्त जांच में दोनों आरोपियों की साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस ने पूजा गौतम और कमलेश को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में प्रयुक्त ई-रिक्शा और सरिया बरामद कर ली गई है। एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पूरे मामले में बच्चे की ईमानदारी और पुलिस टीम की संवेदनशीलता से हत्या का खुलासा संभव हो सका। उन्होंने खुलासा करने वाली टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।